CJP प्रदर्शनकारियों और पुलिस में टकराव, संसद के पास आंसू गैस के गोले दागे गए; अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल

CJP प्रदर्शनकारियों और पुलिस में टकराव, संसद के पास आंसू गैस के गोले दागे गए; अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान सोमवार को राजधानी दिल्ली में हालात तनावपूर्ण हो गए। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार करते हुए संसद मार्ग की तरफ बढ़ गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

प्रदर्शनकारियों के संसद भवन के नजदीक पहुंचने के बाद संसद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। संसद के सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और मुख्य गेट को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। जिस समय प्रदर्शनकारी संसद के पास पहुंचे, उस दौरान संसद की कार्यवाही जारी थी और प्रधानमंत्री समेत कई सांसद सदन में मौजूद थे।

संसद के पास पहुंचे प्रदर्शनकारी, सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा

CJP समर्थकों ने सोमवार सुबह जंतर-मंतर से संसद मार्च शुरू करने की कोशिश की। इससे पहले ही दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी बैरिकेडिंग कर दी थी।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन लेयर वाली बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। सुबह करीब 10 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।

इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए, जहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के अंदर भी प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की।

अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल

CJP प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब प्रदर्शनकारी लगातार NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

हालांकि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को प्रदर्शन के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल, आंदोलन स्थगित

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का ऐलान किया।

दीपके ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत शुरू हो गई है और बातचीत जारी रहने तक संसद मार्च को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाए और किसी भी तरह की हिंसा या अनुशासनहीनता से बचा जाए।

CJP प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा से की मुलाकात

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे। संगठन की ओर से सरकार के सामने अपनी मांगें रखी गईं।

CJP नेताओं का कहना है कि NEET जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए और छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए।

आतिशी, सिसोदिया और संजय सिंह पहुंचे जंतर-मंतर

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता आतिशी, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह भी जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शामिल हुए।

विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार पर छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ीं, जबकि आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे।

सोनम वांगचुक ने अस्पताल से मांगी मार्च में शामिल होने की अनुमति

सोनम वांगचुक, जो फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी।

वांगचुक ने कहा कि वह आंदोलन का हिस्सा बने रहना चाहते हैं और संसद तक जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

दिल्ली में हाई अलर्ट, कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई

CJP के संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी।

संसद भवन, जंतर-मंतर, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक जवान तैनात किए गए।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई मेट्रो स्टेशनों पर भी पाबंदियां लगाई गईं। जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा भवन मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा कारणों से बदलाव किए गए।

CJP की क्या हैं प्रमुख मांगें?

CJP पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—

NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की जांच
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना
छात्रों के हितों की सुरक्षा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं और उन्होंने सरकार से छात्रों के मुद्दों पर गंभीर बातचीत की मांग की है।

आगे की स्थिति पर नजर

फिलहाल CJP ने सरकार से बातचीत के चलते मार्च को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं संसद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी रखी गई है। पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।