NEET पेपर लीक विवाद: PM आवास के पास राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खड़गे का धरना, पुलिस ने कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मंगलवार को कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के पास पहुंच गए और धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस नेताओं ने NEET विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
हालांकि प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील इलाका है, जहां किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होती। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हटाने की कार्रवाई शुरू की। बाद में कई कांग्रेस नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया गया।
राहुल गांधी बोले- छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, जिम्मेदारी तय हो
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि NEET परीक्षा विवाद केवल छात्रों का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले में केवल शिक्षा मंत्री ही नहीं बल्कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व को भी जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि जब लाखों छात्र मेहनत करके परीक्षा देते हैं और बाद में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा- शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए जिम्मेदारी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले भी कई मामलों में मंत्रियों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि NEET विवाद में भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से छात्रों के हित में कदम उठाने की मांग की।
PM आवास क्षेत्र में प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई
कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधिकारियों ने नेताओं से इलाके से हटने की अपील की।
पुलिस का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा कारणों से किसी भी प्रकार का प्रदर्शन प्रतिबंधित है।
प्रदर्शनकारी नेताओं ने विरोध जारी रखा और कुछ नेताओं ने अपने हाथ बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को वाहनों में बैठाकर मौके से ले गए।
कांग्रेस ने गुपचुप तरीके से तैयार किया था प्रदर्शन
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक यह प्रदर्शन अचानक किया गया था और इसकी जानकारी सीमित नेताओं को ही दी गई थी।
पार्टी ने इस प्रदर्शन के जरिए सीधे प्रधानमंत्री आवास के पास पहुंचकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की।
कांग्रेस का कहना है कि NEET विवाद पर सरकार को संसद और देश के सामने जवाब देना चाहिए।
NEET विवाद पर सरकार का पक्ष
वहीं केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि NEET मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष
NEET विवाद को लेकर विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साध रहा है।
कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार जिम्मेदारी लेने से बच रही है।
विपक्षी दलों का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने बड़े मामले में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है।
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी
NEET और परीक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन जारी है।
प्रदर्शनकारी छात्र संगठन और समर्थक परीक्षा व्यवस्था में बदलाव, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और प्रभावित छात्रों के लिए राहत की मांग कर रहे हैं।
इस प्रदर्शन को लेकर पिछले दिनों पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी देखने को मिला था।
संसद मार्च के दौरान झड़प के बाद बढ़ी सुरक्षा
इससे पहले सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश की थी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हुई और पुलिसकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक CCTV फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य रिकॉर्डिंग के जरिए घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
सोनम वांगचुक मामले पर भी राजनीतिक बयानबाजी
NEET आंदोलन से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का मामला भी चर्चा में है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने उनके इलाज के लिए डॉक्टरों का पैनल बनाने के निर्देश दिए हैं।
उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में उन्हें बाहरी लोगों से मिलने से रोका जा रहा था।
विपक्ष और सरकार आमने-सामने
NEET पेपर लीक विवाद अब सिर्फ परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आने वाले दिनों में संसद के मानसून सत्र में भी NEET विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
news desk MPcg