बिहार विधानसभा मानसून सत्र में तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी पर सियासत तेज: BJP-JDU ने घेरा, RJD ने विदेश यात्रा का दिया हवाला

बिहार विधानसभा मानसून सत्र में तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी पर सियासत तेज: BJP-JDU ने घेरा, RJD ने विदेश यात्रा का दिया हवाला

बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन में मौजूद नहीं थे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और जदयू नेताओं ने सवाल उठाते हुए उन पर निशाना साधा, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उनका बचाव करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव निजी यात्रा पर हैं।

सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि विधानसभा का मानसून सत्र राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का समय है और ऐसे मौके पर नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े करती है। वहीं राजद ने कहा कि पार्टी के विधायक सदन में मौजूद हैं और जनता के मुद्दे मजबूती से उठाए जाएंगे।

तेजस्वी की अनुपस्थिति पर मंत्री संजय सिंह ने उठाए सवाल

बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में नेता प्रतिपक्ष का सदन में मौजूद नहीं होना गंभीर विषय है।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव विपक्ष की जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का काम सदन में जनता के मुद्दों को उठाना और सरकार को जवाबदेह बनाना होता है।

JDU नेता खालिद अनवर का तेजस्वी पर हमला

जदयू विधान पार्षद खालिद अनवर ने भी तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का सदन से दूर रहना कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को बिहार के मुद्दों से ज्यादा अपने पारिवारिक कार्यक्रमों की चिंता है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता हर गतिविधि को देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।

भाजपा ने बताया 'पार्ट टाइम पॉलिटिशियन'

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए उन्हें "पार्ट टाइम पॉलिटिशियन" बताया।

उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार और बिहार के लोगों के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी कभी-कभी आते हैं, राजनीतिक बयान देते हैं और फिर लंबे समय के लिए गायब हो जाते हैं।

भाजपा नेता ने दावा किया कि जनता विपक्ष के नेताओं की कार्यशैली को समझ चुकी है।

RJD ने किया तेजस्वी यादव का बचाव

तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर राजद ने सफाई देते हुए कहा कि वह विदेश यात्रा पर हैं। पार्टी नेताओं के मुताबिक, तेजस्वी यादव कुछ दिनों से यूरोप यात्रा पर हैं।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि पार्टी के सभी विधायक सदन में मौजूद हैं और तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी से संगठन या विपक्ष की भूमिका प्रभावित नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और विधायक जनता के मुद्दों को सदन में उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मानसून सत्र में विपक्ष के लिए अहम मुद्दे

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र कई राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष सरकार को शिक्षा, रोजगार, कानून व्यवस्था, महंगाई और अन्य मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।

वहीं सत्ता पक्ष भी सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति में है।

सत्र के पहले दिन ही तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई। आने वाले दिनों में यह मामला और गरमा सकता है, क्योंकि बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

राजनीतिक संदेश और चुनावी असर

विशेषज्ञों के अनुसार, विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष की मौजूदगी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। विपक्ष का प्रमुख चेहरा होने के कारण तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी को भाजपा और जदयू ने मुद्दा बनाने की कोशिश की है।

वहीं राजद इसे व्यक्तिगत कार्यक्रम बताते हुए विपक्ष की सक्रियता पर कोई असर नहीं होने का दावा कर रहा है।

बिहार की राजनीति में आने वाले महीनों में चुनावी गतिविधियां बढ़ने वाली हैं, ऐसे में नेताओं की मौजूदगी, सदन में सक्रियता और जनता से जुड़े मुद्दों पर भूमिका राजनीतिक संदेश देने का काम कर सकती है।