हौजरानी अग्निकांड: शेफ गिरफ्तार, पूछताछ में खुली गंभीर लापरवाही और बेसमेंट शटर गिराने का आरोप

हौजरानी अग्निकांड: शेफ गिरफ्तार, पूछताछ में खुली गंभीर लापरवाही और बेसमेंट शटर गिराने का आरोप

हौजरानी अग्निकांड मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए तथ्य सामने आते जा रहे हैं। इस हादसे ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अवैध रूप से संचालित हो रहे होटलों और रेस्टोरेंट्स में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को भी उजागर किया है।

इस मामले में पुलिस ने अवैध होटल के रेस्टोरेंट में कार्यरत शेफ केशव नेगी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, घटना के समय वह रेस्टोरेंट के किचन में मौजूद था। शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार जैसे ही आग की शुरुआत हुई और धीरे-धीरे लपटें बढ़ने लगीं, आग किचन क्षेत्र तक पहुंच गई, जिसके बाद वह तुरंत वहां से बाहर निकल गया।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि उसने इस पूरी घटना के दौरान न तो वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों को आग लगने की सूचना दी और न ही मेहमानों या स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कोई चेतावनी जारी की। आपात स्थिति में उसकी यह चुप्पी और तेजी से वहां से निकल जाना जांच का मुख्य विषय बन गया है।

इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने बेसमेंट का जालीदार शटर नीचे कर दिया था। इस कदम के कारण बेसमेंट में मौजूद लोगों के बाहर निकलने का रास्ता बाधित हो गया और वे अंदर ही फंस गए। माना जा रहा है कि इस वजह से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई और बचाव कार्य में भी कठिनाइयां आईं।

घटना के बाद आरोपी मौके पर कुछ समय तक मौजूद रहा, लेकिन बाद में वह वहां से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने यह कदम जानबूझकर उठाया या फिर यह परिस्थितिजन्य प्रतिक्रिया थी।

इधर, मामले में एक और महत्वपूर्ण आरोपी होटल मैनेजर और चार्टर्ड अकाउंटेंट जय मिश्रा अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

इस घटना ने शहर में अवैध रूप से चल रहे होटलों और रेस्टोरेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सही तरीके से नहीं किया जा रहा था, जिसके कारण हादसे का प्रभाव और बढ़ गया।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस लापरवाही के पीछे किन-किन लोगों की जिम्मेदारी बनती है और किन स्तरों पर चूक हुई है।