परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एमआर श्रीनिवासन का 95 वर्ष की आयु में निधन

परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एमआर श्रीनिवासन का मंगलवार को 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीनिवासन ने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एमआर श्रीनिवासन का 95 वर्ष की आयु में निधन

भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के प्रमुख स्तंभ और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एमआर श्रीनिवासन का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से वैज्ञानिक समुदाय और देश ने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया, जिन्होंने भारत को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

डॉ. श्रीनिवासन, जिन्हें परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए 'भारतीय परमाणु कार्यक्रम का पितामह' कहा जाता है, ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने 1984 से 1990 तक परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और भारत के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में, भारत ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।

डॉ. श्रीनिवासन का जन्म 1930 में हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पूरी की। उन्होंने परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में लंबे समय तक कार्य किया और भारत के पहले परमाणु रिएक्टरों के डिजाइन और निर्माण में योगदान दिया। उनके कार्यों ने भारत को परमाणु तकनीक में विश्व स्तर पर एक मजबूत स्थिति प्रदान की।

वैज्ञानिक समुदाय और उनके सहयोगियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। उनके निधन की खबर से देश भर में शोक की लहर है, और कई नेताओं व वैज्ञानिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।