गाजियाबाद की हरनंदीपुरम टाउनशिप को मिली रफ्तार, पहले फेज के लिए 100 हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य; आधुनिक शहर के रूप में विकसित होगी पूरी योजना
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजना हरनंदीपुरम टाउनशिप अब एक बार फिर गति पकड़ती नजर आ रही है। बैनामा लेखकों की हड़ताल समाप्त होने के बाद भूमि पंजीकरण और खरीद प्रक्रिया में तेजी आ गई है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि आने वाले लगभग दो महीनों में पहले चरण के लिए करीब 100 हेक्टेयर भूमि तैयार कर ली जाए, जिससे परियोजना का औपचारिक लॉन्च संभव हो सके।
हड़ताल समाप्त होने के बाद तेज हुई जमीन खरीद प्रक्रिया
बैनामा लेखकों की हड़ताल के कारण पिछले कुछ समय से जमीन की खरीद और रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी, जिससे परियोजना की गति धीमी पड़ गई थी। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद GDA ने किसानों से जमीन खरीद की प्रक्रिया को दोबारा तेज कर दिया है।
वर्तमान स्थिति में प्राधिकरण करीब 25 किसानों से लगभग 30 हेक्टेयर भूमि के बैनामा की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह शुरुआती चरण है, जिसके बाद बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण को पूरा किया जाएगा ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सके।
पहले चरण का लक्ष्य: 100 हेक्टेयर पर विकास योजना
GDA की योजना के अनुसार हरनंदीपुरम टाउनशिप का पहला चरण लगभग 100 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि अगले दो महीनों में यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
अब तक लगभग 55 हेक्टेयर भूमि का बैनामा पूरा हो चुका है, जबकि पहले से ही 30 हेक्टेयर भूमि पर सहमति बन चुकी थी। शेष भूमि को शामिल कर पहले चरण को लॉन्च करने की तैयारी तेजी से चल रही है।
पूरी परियोजना का विस्तार और संरचना
हरनंदीपुरम टाउनशिप को दो चरणों में विकसित करने की योजना है, जिसका कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल लगभग 521 हेक्टेयर है।
पहले चरण में लगभग 350 हेक्टेयर भूमि पर विकास किया जाएगा, जिसमें पांच गांवों की जमीन शामिल होगी। पूरी परियोजना में आठ गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी और उसे एक आधुनिक टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह परियोजना गाजियाबाद के तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, खासकर राजनगर एक्सटेंशन के आसपास के क्षेत्र में।
आधुनिक शहरी विकास मॉडल (Pocket-Based Planning)
हरनंदीपुरम टाउनशिप को आधुनिक ‘पॉकेट-आधारित विकास मॉडल’ पर तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर सेक्टर को स्वतंत्र मिनी-शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस मॉडल के तहत प्रत्येक पॉकेट में निम्न सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी—
चौड़ी और सुव्यवस्थित सड़कें
आधुनिक जल निकासी और ड्रेनेज सिस्टम
हरित क्षेत्र और पार्क
शैक्षणिक संस्थान (स्कूल आदि)
स्वास्थ्य सुविधाएं (अस्पताल और क्लिनिक)
आवासीय भूखंड और अपार्टमेंट
व्यावसायिक क्षेत्र और बाजार
इसका उद्देश्य एक संतुलित और आत्मनिर्भर शहरी वातावरण तैयार करना है, जहां लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही क्षेत्र में उपलब्ध हों।
वित्तीय निवेश और बजट योजना
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि खरीद और विकास पर भारी निवेश किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष में लगभग 1200 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाने का अनुमान है। इसमें—
400 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना से प्राप्त होंगे
800 करोड़ रुपये GDA अपने संसाधनों से लगाएगा
इसके अलावा अगले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार से अतिरिक्त फंड मिलने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे परियोजना को और गति मिलेगी।
DPR और मास्टर प्लान की तैयारी
GDA ने पहले चरण के लिए Detailed Project Report (DPR) तैयार करने के लिए एजेंसी का चयन कर लिया है। यह एजेंसी पूरे क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार करेगी।
इस मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क, जल निकासी, ग्रीन बेल्ट, आवासीय और व्यावसायिक जोन का विस्तृत डिज़ाइन शामिल होगा, जिससे भविष्य में एक सुव्यवस्थित शहर विकसित किया जा सके।
प्रशासनिक बयान और प्रगति
GDA उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि हड़ताल समाप्त होने के बाद भूमि पंजीकरण कार्य में तेजी आई है और किसानों से लगातार बैनामा कराया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले चरण के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
स्थानीय प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
यह टाउनशिप गाजियाबाद के रियल एस्टेट और शहरी विकास में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे—
क्षेत्रीय शहरी विस्तार को गति मिलेगी
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
रियल एस्टेट निवेश में वृद्धि होगी
आधुनिक आवासीय सुविधाएं विकसित होंगी
निष्कर्ष
हरनंदीपुरम टाउनशिप परियोजना गाजियाबाद के भविष्य के शहरी ढांचे को नया आकार देने की क्षमता रखती है। हड़ताल समाप्त होने के बाद भूमि अधिग्रहण में आई तेजी से अब इस परियोजना के पहले चरण के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। यदि योजना समय पर आगे बढ़ती है, तो यह गाजियाबाद के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
news desk MPcg