आवारा पशु बना काल सड़क हादसे में पहले मासूम बेटी, फिर पिता की मौत परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
श्री मुक्तसर साहिब जिले के गांव दोदा के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा पूरे इलाके को गमगीन कर गया। सड़क पर अचानक आए एक बेसहारा पशु से कार की टक्कर होने के बाद हुए हादसे में घायल चार वर्षीय मासूम बच्ची और उसके पिता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना ने एक खुशहाल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, जबकि मृतक की पत्नी अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
मृतकों की पहचान श्री मुक्तसर साहिब निवासी अमन पुत्र पवन कुमार और उनकी चार वर्षीय बेटी प्रिशा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई मासूम प्रिशा ने वीरवार को इलाज के दौरान अंतिम सांस ली थी। बेटी की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया परिवार कि शुक्रवार को पिता अमन ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि परिवार कार से सफर कर रहा था, तभी गांव दोदा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक बेसहारा पशु सामने आ गया। चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और कार पशु से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की। लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि पहले मासूम प्रिशा और फिर उसके पिता अमन की जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं अमन की पत्नी का इलाज अभी भी जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से रिश्तेदारों और परिचितों में शोक की लहर है। इलाके के लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की समस्या को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों और व्यस्त सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। कई बार शिकायतों के बावजूद इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की जरूरत है। साथ ही वाहन चालकों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है, खासकर रात और सुबह के समय जर बेसहारा पशु नहीं आया होता तो शायद एक परिवार की खुशियां यूं उजड़ती नहीं।ब सड़क पर पशुओं के आने की संभावना अधिक रहती है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है और हर कोई यही कह रहा है कि अगर सड़क
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