भूटान में आधी रात आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, उत्तर बंगाल से कोलकाता तक कांपी धरती, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार भूकंप का केंद्र भूटान में स्थित था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.6 दर्ज की गई, जबकि इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है। कम गहराई के कारण भूकंप के झटके दूर-दूर तक महसूस किए गए।
मोबाइल अलर्ट के बाद महसूस हुई कंपन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उत्तर बंगाल के कई जिलों में उस समय बारिश हो रही थी और अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे। अचानक मोबाइल फोन पर भूकंप का अलर्ट आने लगा और कुछ ही क्षण बाद जमीन हिलती महसूस हुई। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों की तीव्रता अधिक महसूस की।
सड़कों पर निकले लोग, आफ्टरशॉक का रहा डर
सिलीगुड़ी और कूचबिहार समेत कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। कुछ स्थानों पर लोग काफी देर तक खुले स्थानों पर खड़े रहे क्योंकि उन्हें आफ्टरशॉक आने की आशंका थी। देर रात तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी।
कोलकाता तक महसूस हुए भूकंप के झटके
भूकंप का असर केवल उत्तर बंगाल तक सीमित नहीं रहा। राजधानी कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में भी लोगों ने हल्के झटके महसूस किए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए भूकंप के दौरान हुई स्थिति का वर्णन किया।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तर बंगाल
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर भारत का क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। नेपाल, भूटान और पूर्वोत्तर राज्यों में आने वाले भूकंपों का असर अक्सर इस क्षेत्र में महसूस किया जाता है। रविवार रात आए भूकंप ने एक बार फिर लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की याद दिला दी।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन कुछ सेकंड तक चली धरती की कंपन ने लोगों के मन में डर और चिंता जरूर पैदा कर दी।
news desk MPcg