राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए त्रिपुरा DGP अनुराग धनखड़, बेटे ने दी मुखाग्नि; अंतिम विदाई में भावुक हुआ पूरा बागपत
बागपत (उत्तर प्रदेश) | 22 जुलाई 2026
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का बुधवार को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुबह निकली अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। श्मशान घाट पर पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और उसके बाद उनके बेटे अभिषेक धनखड़ ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के भावुक दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गए। अनुराग धनखड़ की पत्नी कल्पना धनखड़ पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलख पड़ीं, जबकि उनकी मां रगबीरी देवी बेटे के चेहरे को सहलाते हुए बार-बार "मेरे बच्चे... मेरे बच्चे..." कहकर रोती रहीं। बेटे अभिषेक भी अपने पिता के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े और कुछ समय के लिए खुद को संभाल नहीं सके।
मंगलवार रात पैतृक घर पहुंचा था पार्थिव शरीर
अगरतला से एयर एंबुलेंस के माध्यम से अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर पहले दिल्ली लाया गया। वहां से सड़क मार्ग के जरिए मंगलवार देर रात उनके पैतृक क्षेत्र बड़ौत (बागपत) पहुंचाया गया।
रात से ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया। स्थानीय नागरिक, रिश्तेदार, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करते रहे।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
बुधवार सुबह करीब 9 बजे अनुराग धनखड़ की अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा लगभग एक किलोमीटर लंबी रही, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।
श्मशान घाट तक पूरे रास्ते लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार दिल्ली-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित श्मशान घाट पर किया गया।
राजकीय सम्मान के तहत पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद परिवार की मौजूदगी में बेटे अभिषेक ने मुखाग्नि दी।
मां का विलाप देख हर आंख नम हुई
अंतिम दर्शन के दौरान सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब अनुराग धनखड़ की मां रगबीरी देवी अपने बेटे के पार्थिव शरीर के पास पहुंचीं।
वह लगातार "मेरे बच्चे... मेरे बच्चे..." कहते हुए रोती रहीं और बेटे के चेहरे को सहलाकर अंतिम बार दुलार करती रहीं।
मौके पर मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए।
पत्नी कल्पना और बेटे अभिषेक का दर्द
अनुराग धनखड़ की पत्नी कल्पना धनखड़ पार्थिव शरीर से लिपटकर लगातार रोती रहीं।
उनके बेटे अभिषेक ने पहले मां को संभालने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह स्वयं भी पिता के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभिषेक काफी देर तक ताबूत के पास बैठे रहे और गहरे सदमे में दिखाई दिए। बाद में परिजनों ने उन्हें संभाला।
20 जुलाई को पुलिस मुख्यालय में मिला था शव
अनुराग धनखड़ का शव 20 जुलाई को अगरतला स्थित त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय में मिला था।
उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
त्रिपुरा पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या (Suicide) का मामला बताया गया है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
परिवार और अधिकारियों ने पहुंचाया पार्थिव शरीर
घटना की सूचना मिलते ही अनुराग धनखड़ के छोटे भाई सहित परिवार के सदस्य अगरतला पहुंचे।
बागपत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी त्रिपुरा गए और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद पार्थिव शरीर को एयर एंबुलेंस के माध्यम से दिल्ली लाया गया।
दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए शव को बड़ौत स्थित उनके निवास तक पहुंचाया गया।
कौन थे अनुराग धनखड़?
अनुराग धनखड़ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे।
उन्होंने गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद सरूरपुर खेड़की इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट और बड़ौत के जनता वैदिक महाविद्यालय से बीएससी (कृषि) की पढ़ाई पूरी की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 1988 में एक बैंक में फील्ड ऑफिसर के रूप में नौकरी शुरू की। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी जारी रखी।
वर्ष 1994 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ।
तीन दशक का लंबा पुलिस करियर
करीब तीन दशक के अपने पुलिस करियर में अनुराग धनखड़ ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
उन्होंने:
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)
सीमा सुरक्षा बल (BSF)
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
संयुक्त राष्ट्र (UN) के कोसोवो शांति मिशन
में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।
CBI में उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP), उप महानिरीक्षक (DIG), संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।
हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का अनुभव
CBI में रहते हुए अनुराग धनखड़ कई चर्चित मामलों की जांच से जुड़े रहे।
रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने:
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले,
कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े आर्थिक अपराध मामलों,
तथा अन्य वित्तीय अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त वे 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) में भी जिम्मेदारी निभा चुके थे।
गांव से रहा गहरा जुड़ाव
अनुराग धनखड़ का जन्म और बचपन बिहारीपुर गांव में बीता।
उनके सहपाठी रमेश कुमार के अनुसार अनुराग पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी काफी सक्रिय थे और विशेष रूप से वॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे।
हालांकि परिवार पिछले कुछ वर्षों से बड़ौत में रहने लगा था, लेकिन उनका गांव से गहरा भावनात्मक संबंध बना हुआ था।
परिवार में कौन-कौन?
अनुराग धनखड़ अपने परिवार में पत्नी कल्पना धनखड़ और पुत्र अभिषेक धनखड़ को छोड़ गए हैं।
परिवार में:
मां रगबीरी देवी,
बड़े भाई विवेक धनखड़ (भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त),
छोटे भाई रविराज धनखड़
भी शामिल हैं।
उनके पिता सतपाल धनखड़ का लगभग एक वर्ष पहले निधन हुआ था। वे अपने गांव के दो बार निर्वाचित ग्राम प्रधान रहे थे।
उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग
पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष वेदपाल ने अनुराग धनखड़ की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इतने वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी द्वारा ऐसा कदम उठाने की परिस्थितियों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनुराग धनखड़ जिले के उन चुनिंदा अधिकारियों में थे जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बागपत का नाम रोशन किया।
पुलिस जांच जारी
त्रिपुरा पुलिस ने अभी तक केवल प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला बताया है।
फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही मृत्यु के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
मुख्य बिंदु
त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ का बागपत में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बेटे अभिषेक ने मुखाग्नि दी, पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया।
अंतिम दर्शन के दौरान मां, पत्नी और बेटे के भावुक दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया।
अनुराग धनखड़ का शव 20 जुलाई को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मिला था।
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है, लेकिन जांच अभी जारी है।
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के IPS अधिकारी थे और CBI, BSF, CISF तथा संयुक्त राष्ट्र मिशन सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके थे।
वे बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के निवासी थे और लगभग तीन दशक तक देश की पुलिस सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
news desk MPcg