संसद में NEET पेपर लीक पर घमासान: किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस, सरकार बोली- 'शर्तें मत थोपिए', विपक्ष ने मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को संसद में इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल और गरमा गया, जब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
एक ओर विपक्ष ने पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया कि वह संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने विपक्ष से चर्चा के लिए समय तय करने की अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक शर्तें लगाकर बहाने न बनाए जाएं।
NEET विवाद पर संसद में बढ़ा राजनीतिक तनाव
NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच यह मुद्दा संसद के मानसून सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक विषय बन चुका है।
गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष ने इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आई हैं और सरकार इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेने से बच रही है।
खरगे ने सरकार पर साधा निशाना
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें "भड़काऊ" बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
खरगे ने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी तय करने की मांग दोहराई और कहा कि इतने बड़े परीक्षा विवाद के बाद जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
विपक्ष लगातार यह मांग कर रहा है कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर संसद में विस्तृत बयान दे और जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष से चर्चा की अपील की
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार किसी भी दिन और जितने समय तक विपक्ष चाहे, NEET पेपर लीक सहित परीक्षा प्रणाली से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विपक्षी नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर भी बातचीत की है और उन्हें अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
रिजिजू ने यह भी बताया कि इस विषय पर लोकसभा अध्यक्ष से भी चर्चा की गई है ताकि सदन में विस्तृत बहस कराई जा सके।
'शर्तें मत थोपिए, बहाने मत बनाइए'
संसद में बोलते हुए किरेन रिजिजू ने विपक्ष से कहा कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष को अनावश्यक शर्तें नहीं रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, बल्कि चाहती है कि सदन में इस पर खुलकर बहस हो।
रिजिजू ने कहा कि यदि विपक्ष लगातार शर्तें रखेगा और चर्चा शुरू नहीं होने देगा तो इससे यह संदेश जाएगा कि विपक्ष स्वयं बहस से बचना चाहता है।
'सिर्फ एक परीक्षा नहीं, पूरे देश की परीक्षा व्यवस्था पर चर्चा हो'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में हुई अन्य परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों पर भी व्यापक चर्चा होनी चाहिए।
उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सभी राज्यों में सामने आए मामलों की समीक्षा आवश्यक है।
उन्होंने सदन से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय छात्रों के भविष्य के दृष्टिकोण से देखा जाए।
NDA सांसदों ने भी उठाई चर्चा की मांग
रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने भी संसद में प्रदर्शन करते हुए मांग की कि NEET पेपर लीक सहित सभी परीक्षा घोटालों पर तत्काल चर्चा कराई जाए।
सरकार का कहना है कि वह इस विषय पर पारदर्शी चर्चा चाहती है और विपक्ष को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।
संसद के बाहर भी जारी है विरोध
संसद में हंगामे के समानांतर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का प्रदर्शन भी जारी है।
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें हैं—
NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार
भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत कानून
इन प्रदर्शनों के कारण राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
सरकार ने हाल ही में किया बड़ा एलान
इसी विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की है कि पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिल सके।
सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आगे क्या?
मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक का मुद्दा आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही का केंद्र बना रह सकता है। यदि सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा के प्रारूप पर सहमति बनती है, तो इस विषय पर विस्तृत बहस होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रियाओं और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में संसद में होने वाली चर्चा और सरकार की आगे की कार्रवाई पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजर बनी रहेगी।
news desk MPcg