NEET विवाद पर संसद में घमासान: अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस, सपा प्रमुख ने पूछा- क्या सरकार और कांग्रेस में समझौता हुआ?

NEET विवाद पर संसद में घमासान: अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस, सपा प्रमुख ने पूछा- क्या सरकार और कांग्रेस में समझौता हुआ?

छात्रों के प्रदर्शन, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर मानसून सत्र में हंगामा; सरकार बोली- चर्चा के लिए तैयार

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर हंगामेदार रहा। परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों के प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार विरोध किया।

बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने NEET मामले पर तत्काल चर्चा की मांग उठाई। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव तथा कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के बीच सदन में तीखी बहस देखने को मिली।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे पर उन्हें बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा, जबकि कांग्रेस और सरकार के नेताओं को बोलने की अनुमति दी जा रही है। इसी दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई समझौता हो गया है।

NEET पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा

NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है।

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि NEET जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है।

विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में सरकार और संबंधित एजेंसियां असफल रही हैं। इसी को लेकर विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग कर रहा है।

वहीं, सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है, दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है और वह संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।

लोकसभा में अखिलेश यादव ने उठाई आवाज

बुधवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की।

हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कुछ सांसदों को अपनी बात रखने का मौका दिया। इसी दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी बात रखी।

जब अखिलेश यादव को पर्याप्त अवसर नहीं मिला तो उन्होंने आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि देश के छात्रों और युवाओं का है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने मेहनत की है, उनके भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब संसद में मिलना चाहिए।

अखिलेश यादव का सरकार और कांग्रेस पर सवाल

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सदन में नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल किया कि जब सरकार और कांग्रेस के नेताओं को बोलने का मौका दिया जा रहा है तो अन्य विपक्षी दलों की बात क्यों नहीं सुनी जा रही।

उन्होंने पूछा कि क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई आपसी समझ या समझौता हो गया है?

अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि NEET विवाद केवल परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि युवाओं के भरोसे और भविष्य का सवाल है।

अखिलेश ने छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया

सपा प्रमुख ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ सख्ती की गई।

अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रधानमंत्री संसद के बाहर इस मुद्दे पर बयान दे सकते हैं तो संसद के अंदर आकर छात्रों और विपक्ष के सवालों का जवाब क्यों नहीं देते।

केसी वेणुगोपाल ने जताई नाराजगी

अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने नाराजगी जताई।

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। वेणुगोपाल ने अखिलेश यादव के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई।

इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाना नहीं है। उनकी प्राथमिकता छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना है।

उन्होंने कहा कि मंत्री का इस्तीफा एक अलग विषय है, लेकिन उससे पहले सरकार को छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था पर जवाब देना चाहिए।

सरकार ने कहा- NEET मामले पर चर्चा के लिए तैयार

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार पहले से ही NEET मामले पर चर्चा के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सदन में नियमों के तहत सकारात्मक और सार्थक चर्चा हो।

रिजिजू ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सदन में कहा कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि जब लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हुए हैं तो सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि केवल जांच शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

संसद की कार्यवाही बार-बार हुई स्थगित

NEET मामले को लेकर हुए हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई।

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद स्थगित करनी पड़ी। बाद में दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण फिर से सदन स्थगित करना पड़ा।

राज्यसभा में भी विपक्ष ने NEET मामले और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा की मांग की।

काले कपड़े पहनकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

NEET विवाद और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ विरोध जताया।

विपक्ष ने इसे छात्रों और युवाओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार से जवाब मांगने की बात कही।

NEET विवाद बना संसद में बड़ा राजनीतिक मुद्दा

NEET-UG पेपर लीक विवाद अब संसद के भीतर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

विपक्ष जहां इसे परीक्षा प्रणाली की विफलता और छात्रों के साथ अन्याय बता रहा है, वहीं सरकार जांच और कार्रवाई का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है।

आने वाले दिनों में संसद में NEET मामले पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और सरकार के रुख के बीच गतिरोध बना हुआ है।