सेशेल्स पहुंचे PM मोदी, राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी संग एल्डाब्रा कछुओं को खिलाईं पत्तियां; 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय राष्ट्र सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया के सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने सेशेल्स नेशनल बॉटैनिकल गार्डन का दौरा किया। दोनों नेताओं ने वहां विश्व प्रसिद्ध एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को अपने हाथों से पत्तियां खिलाईं। इस दौरान दोनों नेताओं ने परिसर में एक स्मृति पौधा भी लगाया और नारियल पानी का आनंद लिया। प्रधानमंत्री के इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा किए गए।
29 जून को राष्ट्रीय दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण, ब्लू इकोनॉमी और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएं प्रस्तावित हैं।
प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।
256 साल पुराना है भारत-सेशेल्स का ऐतिहासिक रिश्ता
भारत और सेशेल्स के संबंध केवल कूटनीतिक या रणनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भी हैं। वर्ष 1770 में जब सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई गई थी, तब वहां पहुंचे 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। इन्हें द्वीप के शुरुआती स्थायी निवासियों में गिना जाता है।
इसके बाद 19वीं और 20वीं शताब्दी के दौरान बिहार, तमिलनाडु और गुजरात सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार और कृषि कार्यों के लिए सेशेल्स पहुंचे। आज लगभग 1.20 लाख की आबादी वाले इस देश में करीब हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का माना जाता है।
बिहार से जुड़ी हैं राष्ट्रपति रामकलावन की पारिवारिक जड़ें
सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वजों का संबंध भी भारत के बिहार राज्य से रहा है। उपलब्ध ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार उनके पूर्वज गोपालगंज जिले से प्रवास कर पहले मॉरीशस और बाद में सेशेल्स पहुंचे थे। वर्ष 2018 में रामकलावन ने अपने पूर्वजों के गांव का भी दौरा किया था।
एल्डाब्रा जाइंट कछुए दुनिया भर में हैं प्रसिद्ध
सेशेल्स का एल्डाब्रा जाइंट कछुआ विश्व की सबसे प्रसिद्ध विशाल कछुआ प्रजातियों में से एक है। यह अपनी असाधारण लंबी आयु के लिए जाना जाता है। सामान्यतः इस प्रजाति के कछुए 150 वर्ष या उससे अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं।
इसी प्रजाति का जोनाथन नामक कछुआ दुनिया का सबसे उम्रदराज़ जीवित स्थलीय जानवर माना जाता है, जिसकी अनुमानित आयु लगभग 194 वर्ष है। वैज्ञानिक इसकी दीर्घायु के पीछे मौजूद जैविक कारणों पर लगातार शोध कर रहे हैं।
हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा बल
भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स को अपना महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार मानता रहा है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण, आपदा प्रबंधन और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और 'विजन महासागर (MAHASAGAR)' का प्रमुख साझेदार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी।
केवल दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1976 और 1981 में सेशेल्स का दौरा किया था। इसके बाद लंबे अंतराल के पश्चात किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है।
इस दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सहयोग, विकास परियोजनाओं, क्षेत्रीय सुरक्षा तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।
news desk MPcg