भाजपा उत्तर प्रदेश की नई टीम का ऐलान, 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री नियुक्त; 2027 मिशन की तैयारी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की सूची जारी की। नई टीम के गठन को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों और आगामी संगठनात्मक अभियानों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश संगठन में कई नए चेहरों को जगह दी गई है, जबकि अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी ने सामाजिक, क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने का प्रयास करते हुए 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री, 19 प्रदेश मंत्री, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष तथा विभिन्न मोर्चों और विभागों के प्रमुखों की नियुक्ति की है।
सूची जारी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच नई जिम्मेदारियों को लेकर उत्साह देखने को मिला। राजनीतिक गलियारों में भी नई टीम को आगामी चुनावी रणनीति का आधार माना जा रहा है।
शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद बनी नई टीम
भाजपा सूत्रों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम को अंतिम रूप देने से पहले पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई दौर की चर्चा हुई। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलने पर नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई।
नई टीम में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं, पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अन्य सामाजिक समूहों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है।
19 नेताओं को बनाया गया प्रदेश उपाध्यक्ष
भाजपा ने प्रदेश संगठन में 19 नेताओं को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें पूर्व मंत्री सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता शामिल हैं।
इन नियुक्तियों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। नीरज सिंह पिछले कई वर्षों से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और उन्हें पार्टी के युवा नेतृत्व का अहम चेहरा माना जाता है।
आठ महामंत्रियों पर संगठन संचालन की जिम्मेदारी
प्रदेश संगठन की रीढ़ माने जाने वाले महामंत्री पद पर आठ नेताओं की नियुक्ति की गई है। इनमें रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी शामिल हैं।
इन नेताओं को संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, चुनावी रणनीति, बूथ प्रबंधन और पार्टी कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
प्रदेश मंत्रियों में नए और युवा चेहरों को मिला मौका
प्रदेश मंत्री पद पर जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, उनमें विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विजय राजभर, प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा, किरण लोधी निषाद, राकेश बिंद, संचिता सिंह चौहान (लुनिया), रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महामेधा नागर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेंद्र शर्मा और आकांक्षा सोनकर शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा ने विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के नेताओं को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है।
छह क्षेत्रों की कमान नए क्षेत्रीय अध्यक्षों को
भाजपा ने प्रदेश के छह प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए भी नए क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए हैं।
नबाब सिंह नागर – पश्चिम क्षेत्र
पूरन लाल लोधी – ब्रज क्षेत्र
राम किशोर साहू – कानपुर क्षेत्र
अवधेश द्विवेदी – अवध क्षेत्र
अशोक चौरसिया – काशी क्षेत्र
विनोद राय – गोरखपुर क्षेत्र
इन क्षेत्रीय अध्यक्षों पर अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की जिम्मेदारी होगी।
मीडिया और सोशल मीडिया टीम में भी बदलाव
भाजपा ने अपने मीडिया और संचार तंत्र को मजबूत करने के लिए भी नई नियुक्तियां की हैं।
दिनेश प्रताप सिंह को प्रदेश का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। वहीं मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशु राज पंडित को सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है।
डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इन पदों को पार्टी की रणनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विभिन्न मोर्चों को मिला नया नेतृत्व
भाजपा ने अपने सभी प्रमुख मोर्चों में भी नए अध्यक्ष नियुक्त किए हैं।
रोहित मिश्रा – प्रदेश अध्यक्ष, युवा मोर्चा
प्रकाश पाल – प्रदेश अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग मोर्चा
देवेन्द्र सिंह – प्रदेश अध्यक्ष, किसान मोर्चा
अशोक रावत – प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा
सरोज कुशवाह – प्रदेश अध्यक्ष, महिला मोर्चा
विद्याभूषण गोंड – प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति मोर्चा
पार्टी का मानना है कि इन मोर्चों के माध्यम से विभिन्न वर्गों तक संगठन की पहुंच और मजबूत होगी।
2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का संकेत
राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल नहीं है, बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी का स्पष्ट संकेत भी है। पार्टी ने उन नेताओं को जिम्मेदारी दी है जिनकी अपने क्षेत्रों और समाज में मजबूत पकड़ मानी जाती है।
भाजपा नेतृत्व का लक्ष्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, नए मतदाताओं तक पहुंच बनाना और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ को और मजबूत करना है। नई टीम के गठन से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी आने वाले समय में प्रदेशभर में बड़े संगठनात्मक अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा ने आगामी चुनावी चुनौतियों और राजनीतिक मुकाबलों के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारियों को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
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