वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप से भारी तबाही, 32 की मौत, 700 से अधिक घायल; पीएम मोदी बोले- भारत हर संभव मदद को तैयार
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी है। देश के उत्तरी तटीय क्षेत्र में आए इस विनाशकारी भूकंप में अब तक कम से कम 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। कई इमारतें ढह गई हैं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मदद का दिया भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप से हुई जनहानि और तबाही से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर प्रकार की मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
अमेरिका ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भूकंप के बाद वेनेजुएला के लिए तत्काल सहायता की घोषणा की। ट्रंप ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट बेहद चिंताजनक हैं और अमेरिका प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगा।
अमेरिकी प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए विशेष आपदा सहायता टीम और टास्क फोर्स को सक्रिय कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा सहायता, राहत सामग्री और अन्य मानवीय संसाधन जल्द प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जाएंगे।
एक मिनट के भीतर आए दो शक्तिशाली झटके
भूकंप की सबसे भयावह बात यह रही कि लोगों को एक मिनट के भीतर दो शक्तिशाली झटके महसूस हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले झटके के बाद लोग घरों और कार्यालयों से बाहर निकल ही रहे थे कि दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका आ गया।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला भूकंप लगभग 7.2 तीव्रता का था, जबकि कुछ ही क्षण बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। दोनों झटकों का केंद्र राजधानी काराकास से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित क्षेत्र के पास था।
20 से अधिक आफ्टरशॉक्स से बढ़ी दहशत
मुख्य भूकंप के बाद 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स (अनुवर्ती झटके) दर्ज किए गए। लगातार आ रहे झटकों के कारण लोग पूरी रात घरों से बाहर खुले स्थानों में रहने को मजबूर हुए। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
इमारतें ढहीं, सड़कों में आई दरारें
भूकंप के कारण कई आवासीय और व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। कुछ क्षेत्रों में सड़कें फट गईं और पुलों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
वेनेजुएला सरकार ने अभी तक सीमित आंकड़े जारी किए हैं, लेकिन राहत एजेंसियों का मानना है कि मलबे में कई लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्र के नाम संबोधन में मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया और कहा कि सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
USGS ने जताई गंभीर चिंता
यू.एस. जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के PAGER सिस्टम ने भूकंप के संभावित प्रभाव को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप की तीव्रता, प्रभावित क्षेत्र की आबादी, निर्माण संरचनाओं की स्थिति और ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर व्यापक नुकसान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में राहत एवं बचाव कार्यों के बाद वास्तविक नुकसान का आकलन सामने आएगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वेनेजुएला पर
भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने वेनेजुएला के साथ एकजुटता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई मानवीय संस्थाएं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत नहीं पहुंची तो मानवीय संकट और गहरा सकता है।
वेनेजुएला इस समय अपने हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है और दुनिया भर से सहायता एवं समर्थन मिलने का सिलसिला जारी है।
news desk MPcg