चंडीगढ़ में धर्मेंद्र प्रधान का विरोध: पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

चंडीगढ़ में धर्मेंद्र प्रधान का विरोध: पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के चंडीगढ़ दौरे के दौरान गुरुवार को राजनीतिक माहौल गर्मा गया। भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री का कांग्रेस और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित पेपर लीक मामलों को लेकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए, नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

टैगोर थिएटर में कार्यक्रम से पहले शुरू हुआ विरोध

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गुरुवार को चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्हें सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में भाजपा द्वारा आयोजित आपातकाल स्मृति कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लेना था। मंत्री के पहुंचने से पहले ही कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारे लगाए। उनका आरोप था कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और इसके लिए केंद्र सरकार जवाबदेह है।

"शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" के लगे नारे

विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो", "युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" और "पेपर लीक पर जवाब दो" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है।

यूथ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों पर असर डाला है। उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।

पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-17 और सेक्टर-18 क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जब प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इस दौरान कई यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बावजूद कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कार्यक्रम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई।

कांग्रेस ने उठाए परीक्षा प्रणाली पर सवाल

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देशभर में आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों ने युवाओं में असंतोष बढ़ाया है। पार्टी का कहना है कि लाखों छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में खामियों के कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है।

कांग्रेस ने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए।

भाजपा कार्यक्रम में आपातकाल पर हुई चर्चा

दूसरी ओर टैगोर थिएटर में आयोजित भाजपा कार्यक्रम में 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए चर्चा की गई। कार्यक्रम में धर्मेंद्र प्रधान ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की रक्षा और आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव को लेकर अपने विचार रखे।

भाजपा नेताओं ने कहा कि आपातकाल का दौर लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय था और उससे सीख लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।

सुरक्षा के घेरे में रहा पूरा क्षेत्र

केंद्रीय मंत्री के दौरे और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा। कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, बैरिकेडिंग की गई और निगरानी बढ़ाई गई। अधिकारियों के अनुसार पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।