ऑपरेशन सिंदूर के शहीद लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा का नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज, CM की दो बड़ी घोषणाएं अब भी अधूरी
देश की रक्षा करते हुए ऑपरेशन सिंदूर में सर्वोच्च बलिदान देने वाले हरियाणा के पलवल निवासी लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा का नाम अब आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) के 'रोल ऑफ ऑनर' में दर्ज कर दिया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भी उनकी वीरता को स्थायी सम्मान दिया गया है। हालांकि, शहीद के सम्मान में हरियाणा सरकार द्वारा की गई कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं, जिससे परिवार ने निराशा जताई है।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर मिला अमर सम्मान
केंद्र सरकार ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह भारतीय सैनिकों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए। इनमें पलवल जिले के नगला मोहम्मदपुर गांव के रहने वाले लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा का नाम भी शामिल है।
उनका नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' अनुभाग में दर्ज किया गया है। इसके साथ ही नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भी उनका नाम अंकित कर देश ने उनकी वीरता को स्थायी सम्मान दिया है।
परिवार बोला- सम्मान मिला, लेकिन घोषणाएं अब भी अधूरी
शहीद के भाई पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से नाम सार्वजनिक किए जाने की कोई आधिकारिक सूचना परिवार को नहीं मिली। हालांकि उन्हें पहले से जानकारी थी कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर उनके भाई का नाम अंकित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष गांव में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहीद परिवार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं।
इनमें शामिल थे:
शहीद परिवार को 4 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता
गांव नगला मोहम्मदपुर का नाम बदलकर 'बलिदानी दिनेशपुर' रखना
शहीद के नाम पर 'ऑपरेशन सिंदूर बलिदानी दिनेश कुमार पार्क' का निर्माण
परिवार के अनुसार आर्थिक सहायता की घोषणा पूरी कर दी गई, लेकिन गांव का नाम बदलने और पार्क निर्माण की घोषणाएं अब तक अमल में नहीं लाई गई हैं।
पंचायत स्तर पर भी प्रक्रिया लंबित
परिजनों का कहना है कि गांव का नाम बदलने के लिए पंचायत की ओर से भी अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है। परिवार ने राज्य सरकार से मांग की है कि मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से की गई घोषणाओं को जल्द से जल्द लागू किया जाए, ताकि शहीद के सम्मान से जुड़ी घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें।
ऑपरेशन सिंदूर में दिया था सर्वोच्च बलिदान
लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा 5वीं फील्ड रेजिमेंट में तैनात थे। 7 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की थी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ही उनका लांस नायक पद पर प्रमोशन हुआ था। वर्ष 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए दिनेश ने करीब 11 वर्षों तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं।
परिवार भी देशसेवा से जुड़ा
दिनेश कुमार शर्मा अपने परिवार में पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो छोटे भाई कपिल और हरदत्त भी अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं।
उनकी पत्नी सीमा शर्मा पेशे से अधिवक्ता हैं और पलवल कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। शहीद होने के समय वह गर्भवती थीं। परिवार के अनुसार दिनेश 16 जनवरी 2025 को छुट्टी पर घर आए थे और 2 मार्च को ड्यूटी पर लौट गए थे। 7 मई को उनके सर्वोच्च बलिदान की सूचना सबसे पहले गांव निवासी उनके मित्र को फोन के माध्यम से मिली थी।
परिवार की सरकार से अपील
शहीद के परिजनों का कहना है कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर नाम दर्ज होना पूरे परिवार और प्रदेश के लिए गर्व की बात है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा की गई बाकी घोषणाओं को भी जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के सम्मान से जुड़े वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
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