वेनेजुएला भूकंप में मौत का आंकड़ा 235 पहुंचा, 4,300 से ज्यादा घायल; 39 हजार लोग अब भी लापता, दुनिया भर से पहुंच रही राहत टीमें
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हैं। सरकार ने बताया है कि करीब 39 हजार लोग अब भी लापता हैं और कई इलाकों में मलबे के नीचे से लोगों के जिंदा होने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भूकंप ऐसे समय आया जब देश में 25 जून को काराबोबो युद्ध की वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश था। अधिकांश लोग अपने घरों में मौजूद थे और कई परिवार फुटबॉल मैच देख रहे थे। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोगों के इमारतों के मलबे में दबने की आशंका है।
10 हजार से अधिक मौतों की आशंका जता चुका है USGS
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस भूकंप से 10 हजार से अधिक लोगों की मौत होने की 44 प्रतिशत संभावना जताई गई है। वहीं लगभग एक लाख लोगों की मौत की 30 प्रतिशत आशंका भी व्यक्त की गई है। हालांकि यह एक संभावित जोखिम आकलन है, अंतिम आंकड़े राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में
भूकंप और उसके बाद आए कई आफ्टरशॉक्स से सबसे अधिक नुकसान ला गुआइरा राज्य में हुआ है।
70 हजार से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं।
100 से अधिक इमारतें पूरी तरह ढह गईं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुईं।
वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अनुसार, ला गुआइरा शहर में करीब 250 इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कई अस्पतालों में क्षमता से अधिक मरीज पहुंचने के कारण सरकार ने अस्थायी फील्ड हॉस्पिटल शुरू किए हैं।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
राष्ट्रीय आपदा एजेंसियां, सेना और अंतरराष्ट्रीय राहत दल लगातार मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। सरकार ने राहत अभियान में लगे कर्मियों की संख्या 4,200 से बढ़ाकर 11,500 कर दी है ताकि खोज एवं बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके। कई स्थानों पर अब भी मलबे के भीतर से आवाजें आने की सूचना मिल रही है।
कई देशों ने भेजीं रेस्क्यू टीमें और राहत सामग्री
वेनेजुएला की मदद के लिए कई देशों ने राहत अभियान शुरू कर दिया है।
अल सल्वाडोर ने 188 सदस्यीय रेस्क्यू टीम, तीन विमान और 50 टन राहत सामग्री भेजी।
अमेरिका ने मेडिकल सहायता, बचाव दल और मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है।
चिली, इक्वाडोर और अन्य लैटिन अमेरिकी देशों ने भी विशेषज्ञ बचाव दल रवाना किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अतिरिक्त सर्च एंड रेस्क्यू टीमें भेजने के साथ 1.5 करोड़ डॉलर (15 मिलियन डॉलर) का आपातकालीन राहत कोष जारी किया है।
कनाडा ने 35 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देने की घोषणा की है।
स्टारलिंक देगा मुफ्त इंटरनेट सेवा
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बहाल करने के लिए स्टारलिंक ने एक महीने तक मुफ्त सैटेलाइट इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि वह प्रभावित इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल करने पर भी काम कर रही है, जिससे राहत एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी।
कार्यवाहक राष्ट्रपति ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने सबसे अधिक प्रभावित तटीय शहर मकुटो का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार सहायता मिल रही है तथा सरकार राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
भारत ने भी जताया सहयोग
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से बातचीत कर इस प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इससे पहले भी भारत ने मानवीय संकटों के दौरान कई देशों को राहत सामग्री और बचाव सहायता उपलब्ध कराई है।
अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार इस आपदा से वेनेजुएला को लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है। सड़कें, पुल, बंदरगाह, बिजली व्यवस्था और आवासीय इमारतों को भारी क्षति पहुंची है। राजधानी कराकस का मुख्य हवाई अड्डा भी प्रभावित हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राहत सामग्री पहुंचाने में कठिनाइयां आ रही हैं।
क्यों आया इतना शक्तिशाली भूकंप?
भूवैज्ञानिकों के अनुसार वेनेजुएला कैरेबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के संगम क्षेत्र में स्थित है। इन दोनों टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार होने वाली हलचल के कारण यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में और आफ्टरशॉक्स की भी आशंका जताई है।
मुख्य बातें
मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हुई।
4,300 से अधिक लोग घायल, 39 हजार लोग लापता बताए गए।
सबसे अधिक तबाही ला गुआइरा राज्य में।
11,500 से अधिक राहतकर्मी बचाव अभियान में जुटे।
UN, अमेरिका, कनाडा, अल सल्वाडोर, चिली और इक्वाडोर समेत कई देशों ने सहायता भेजी।
स्टारलिंक ने एक महीने की मुफ्त इंटरनेट सेवा देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
विशेषज्ञों के अनुसार मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं।
news desk MPcg