निर्जला एकादशी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, हरकी पैड़ी पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

निर्जला एकादशी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, हरकी पैड़ी पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे भक्तों ने मां गंगा में पवित्र स्नान कर सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण की कामना की। पूरे शहर में धार्मिक उल्लास और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

इस वर्ष अधिमास (अधिक मास) के कारण निर्जला एकादशी अपने पारंपरिक समय से लगभग एक माह बाद आई है, जिसके चलते श्रद्धालुओं में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। हरिद्वार के प्रमुख घाटों पर सुबह से ही "हर-हर गंगे" और "जय गंगा मैया" के जयघोष गूंजते रहे।

हरकी पैड़ी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

निर्जला एकादशी के अवसर पर सबसे अधिक भीड़ हरकी पैड़ी पर देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना की, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने दान-पुण्य कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया।

गंगा घाटों पर पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अनुष्ठान कराए गए। श्रद्धालुओं ने दीपदान किया और गंगा आरती में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धार्मिक संगठनों और आश्रमों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और सेवा शिविर भी लगाए गए।

अधिमास के कारण एक माह विलंब से आया पर्व

धार्मिक जानकारों के अनुसार सामान्यतः निर्जला एकादशी गंगा दशहरा के अगले दिन मनाई जाती है, लेकिन इस वर्ष हिंदू पंचांग में अधिमास होने के कारण पर्व लगभग एक महीने की देरी से आया है। इस वजह से श्रद्धालुओं के बीच इस विशेष एकादशी को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिला।

मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्ष भर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है। इसी कारण इसे सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक माना जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। हरिद्वार पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान घाटों और प्रमुख मार्गों पर तैनात रहे। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से की गई।

भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। कई मार्गों पर वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया गया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया।

धार्मिक महत्व के कारण दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। कई श्रद्धालु रातभर यात्रा कर सुबह गंगा स्नान के लिए हरकी पैड़ी पहुंचे।

भक्तों का मानना है कि निर्जला एकादशी के दिन गंगा स्नान, भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान करने से जीवन में सुख-शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष इस पर्व पर लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं।

प्रशासन ने की विशेष अपील

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से घाटों पर सावधानी बरतने, निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी विभिन्न स्थानों पर तैनात रहीं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

निर्जला एकादशी के अवसर पर हरिद्वार एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा के विराट स्वरूप का साक्षी बना, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाकर आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का अनुभव किया।