वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप से भारी तबाही: 164 की मौत, 971 घायल; सैकड़ों लापता, देशभर में आपातकाल घोषित

वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप से भारी तबाही: 164 की मौत, 971 घायल; सैकड़ों लापता, देशभर में आपातकाल घोषित

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों से दहल उठा। एक मिनट के भीतर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों ने राजधानी काराकास समेत कई शहरों में भारी तबाही मचा दी। ताजा सरकारी और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 लोग घायल हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और राहत एजेंसियों को आशंका है कि मलबे में फंसे लोगों के मिलने के साथ मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

एक मिनट के भीतर आए दो बड़े झटके

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला भूकंप बुधवार शाम 6:34 बजे और दूसरा झटका 6:35 बजे महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकास के पश्चिमी क्षेत्र में था। झटकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई बहुमंजिला इमारतें हिल गईं, पुरानी संरचनाएं ढह गईं और हजारों लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए।

भारत में यह भूकंप गुरुवार तड़के लगभग 3:34 बजे और 3:35 बजे दर्ज किया गया।

काराकास में सबसे ज्यादा तबाही

राजधानी काराकास भूकंप से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में इमारतें पूरी तरह धराशायी हो गईं, जबकि कई भवन खतरनाक रूप से झुक गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भूकंप के दौरान लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार रातभर खुले मैदानों और अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हुए। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करने की चेतावनी जारी की है।

सैकड़ों लोगों की तलाश जारी

राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार मलबा हटाकर लोगों को निकालने में जुटी हैं। सेना, नागरिक सुरक्षा बल, फायर ब्रिगेड और स्वयंसेवी संगठन संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक कई क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ है। बचाव दल विशेष उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

राष्ट्रीय आपातकाल लागू

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। सरकार ने सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना है।

अस्पतालों में बढ़ा दबाव

भूकंप के बाद बड़ी संख्या में घायल अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। काराकास और आसपास के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है।

डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ को अतिरिक्त शिफ्टों में तैनात किया गया है। कई अस्पतालों में अस्थायी उपचार केंद्र भी बनाए गए हैं ताकि गंभीर मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।

हवाई अड्डा और बुनियादी ढांचा प्रभावित

भूकंप के कारण काराकास के निकट स्थित प्रमुख हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। कई रनवे और टर्मिनल क्षेत्रों में क्षति की रिपोर्ट सामने आई है।

इसके अलावा कई सड़कों, पुलों और सार्वजनिक इमारतों में दरारें आ गई हैं। बिजली और संचार सेवाएं भी कुछ क्षेत्रों में बाधित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों को चुनौती मिल रही है।

20 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज

भूकंप के बाद अब तक 20 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है।

भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हल्के और मध्यम झटके महसूस किए जा सकते हैं, जिससे पहले से कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा बना रहेगा।

126 वर्षों में सबसे शक्तिशाली भूकंप

स्थानीय भूवैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, यह वेनेजुएला में पिछले 126 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1900 में 7.7 तीव्रता का बड़ा भूकंप दर्ज किया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आए इस भूकंप ने जान-माल के नुकसान को कई गुना बढ़ा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बढ़ाया मदद का हाथ

भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने वेनेजुएला को सहायता देने की पेशकश की है। अमेरिका ने कहा है कि वह मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए वेनेजुएला के अधिकारियों के संपर्क में है।

संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न राहत एजेंसियां भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आई इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

राहत एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि कई इमारतों के मलबे में अब भी लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बचाव अभियान लगातार जारी है और अगले 48 घंटे स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।