मोहर्रम जुलूस में क्रेन से लटकाई गई वैन में विस्फोट का प्रदर्शन, वीडियो वायरल; 4 लोगों पर FIR दर्ज
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक वैन को क्रेन से ऊंचाई पर लटकाकर उसमें विस्फोट जैसा प्रदर्शन किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं। मामले में आयोजक, क्रेन मालिक और प्रदर्शन में शामिल दो युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 23 जून की रात बड़नगर के अड़ान मोहल्ला क्षेत्र से मोहर्रम का जुलूस निकाला गया था। जुलूस के दौरान एक टाटा मैजिक वैन को क्रेन की मदद से लगभग 40 फीट की ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन की छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते दिखाई दिए।
कुछ देर बाद वैन के भीतर विस्फोट जैसा दृश्य उत्पन्न हुआ, जिससे वाहन के शीशे टूट गए और तेज आवाज के साथ धुआं निकलता दिखाई दिया। मौके पर मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि क्रेन से लटकी वैन पर कुछ नारे और संदेश लिखे गए थे। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस प्रदर्शन पर आपत्ति जताई और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि घटना से जुड़े वीडियो एक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से साझा किए गए थे, जिसके बाद मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
संतों और सामाजिक संगठनों ने जताई आपत्ति
वीडियो वायरल होने के बाद कई धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक जुलूसों में इस प्रकार के विस्फोटक प्रदर्शन सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
हिंदू संगठनों ने भी जिला प्रशासन से पूछा कि क्या इस प्रकार की गतिविधियों के लिए कोई विशेष अनुमति दी गई थी या नहीं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
उज्जैन पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के बाद चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें:
जुलूस के आयोजक शोएब खान
वाहन पर झंडा लहराने वाले तालीम खान
जाहिद खान
क्रेन मालिक गोपाल माली
शामिल बताए गए हैं।
पुलिस ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
अनुमति जुलूस की थी, विस्फोट की नहीं
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मोहर्रम जुलूस निकालने की प्रशासनिक अनुमति दी गई थी, लेकिन किसी भी प्रकार के विस्फोटक प्रदर्शन या वाहन में धमाका करने की अनुमति नहीं ली गई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को आकर्षित करने और सोशल मीडिया पर अधिक लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से यह प्रदर्शन किया गया।
विस्फोट नहीं, रॉकेटों के दबाव से टूटा वाहन
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वाहन में किसी उच्च क्षमता वाले विस्फोटक का इस्तेमाल नहीं किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, दीपावली में इस्तेमाल होने वाले कई रॉकेट एक साथ छोड़े गए थे।
वैन के सभी शीशे बंद होने के कारण अंदर गैस और धुएं का दबाव बढ़ गया, जिसके चलते शीशे अचानक टूट गए और विस्फोट जैसा दृश्य उत्पन्न हुआ। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक और तकनीकी जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
सुरक्षा और अनुमति प्रक्रिया पर उठे सवाल
घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच इस तरह का प्रदर्शन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी
पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज, आयोजन से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
news desk MPcg