प्रयागराज में बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, मध्य प्रदेश और राजस्थान की नदियों से आ रहा पानी; प्रशासन ने शुरू की बाढ़ की तैयारी

प्रयागराज में बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, मध्य प्रदेश और राजस्थान की नदियों से आ रहा पानी; प्रशासन ने शुरू की बाढ़ की तैयारी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड क्षेत्र की नदियों से आ रहे पानी के कारण यमुना में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, फिलहाल जलस्तर में बढ़ोतरी मामूली है, लेकिन तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं और बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है।

वहीं, दूसरी ओर गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल घट रहा है। प्रशासन के मुताबिक, गंगा का पानी कम हुआ है, लेकिन यमुना और उससे जुड़ी अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

तीन दिनों से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज में पिछले तीन दिनों से यमुना नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। 23 जुलाई की सुबह यमुना का जलस्तर 73.73 मीटर दर्ज किया गया था, जो रात तक बढ़कर 73.80 मीटर पहुंच गया।

वहीं, गंगा नदी का जलस्तर 77.67 मीटर से घटकर 77.63 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यमुना में आगे और पानी आने की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान की नदियों का असर

अधिकारियों के अनुसार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड क्षेत्र में हो रही बारिश का असर यमुना नदी पर दिखाई दे रहा है। इन क्षेत्रों से आने वाली नदियों का पानी यमुना में पहुंच रहा है, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।

इसके अलावा प्रयागराज क्षेत्र की टोंस, बेलन, गोरमा, टुड़ियारी और लपरी जैसी स्थानीय नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

यमुना का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन के मुताबिक, अगर यमुना का जलस्तर करीब दो मीटर और बढ़ता है तो कई निचले इलाकों और गांवों में परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे हालात में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ सकती है।

प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय

संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष शुरू कर दिया है। प्रशासन ने आपात स्थिति में संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष नंबर: 0532-2504313

इस कंट्रोल रूम के जरिए जलस्तर, राहत और बचाव कार्यों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

एडीएम वित्त ने किया पंपिंग स्टेशनों का निरीक्षण

संभावित बाढ़ को देखते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व और जिला आपदा प्रभारी विनीता सिंह ने गुरुवार को शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया।

उन्होंने बक्शी बांध स्लूज गेट, अल्लापुर पंपिंग स्टेशन, मोरी गेट पंपिंग स्टेशन, यमुना बैंक रोड बांध संख्या-2 स्लूज गेट और यमुना बैंक रोड गेट संख्या-9 समेत कई पंपिंग स्टेशनों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पंपिंग स्टेशनों की कार्यक्षमता बनाए रखने, ग्रिसिंग, ऑयलिंग और पेंटिंग जैसे जरूरी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन की तैयारी तेज

जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग, नगर निगम और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन मानसून के दौरान नदियों के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए सभी तैयारियां पहले से पूरी रखी जा रही हैं।

आगे भी जारी रहेगी निगरानी

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में यमुना के जलस्तर में आगे भी बदलाव हो सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

मुख्य बिंदु:
???? स्थान: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
???? यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है
???? मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड से आ रहा पानी
???? गंगा नदी का जलस्तर घट रहा है
???? बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय
☎️ हेल्पलाइन नंबर: 0532-2504313
????️ प्रशासन ने पंपिंग स्टेशनों और स्लूज गेटों का निरीक्षण किया