भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव: अब हर 15 मिनट में मिलेगी ट्रेन, सुभाष नगर से एम्स के बीच दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। शनिवार से भोपाल मेट्रो की सेवा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सुभाष नगर से एम्स (AIIMS) के बीच मेट्रो हर 15 मिनट में उपलब्ध होगी। इसके साथ ही मेट्रो अब दोनों ट्रैक पर संचालित होगी और यात्रियों को पहले की तुलना में ज्यादा बार ट्रेन मिल सकेगी।
भोपाल मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार, नए सिग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत के बाद मेट्रो संचालन की क्षमता बढ़ाई गई है। करीब सात महीने बाद सिग्नलिंग सिस्टम लागू होने से अब मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा रही है।
अब सिंगल ट्रैक नहीं, दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो
भोपाल में मेट्रो सेवा की शुरुआत 20 दिसंबर 2025 को हुई थी। उस समय केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेट्रो सेवा का शुभारंभ किया था।
शुरुआत के बाद अगले दिन से आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई थी। हालांकि, अब तक मेट्रो का संचालन केवल एक ट्रैक से किया जा रहा था, जिसके कारण यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था।
अब नए सिग्नलिंग सिस्टम के लागू होने के बाद मेट्रो दोनों ट्रैक पर चल सकेगी। इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को कम समय में मेट्रो उपलब्ध हो पाएगी।
पीक ऑवर में हर 15 मिनट में मिलेगी मेट्रो
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा सुबह और शाम के व्यस्त समय यानी पीक ऑवर में मिलेगा।
मेट्रो के नए शेड्यूल के अनुसार:
सुभाष नगर स्टेशन से एम्स के लिए पहली ट्रेन सुबह 9 बजे चलेगी।
पीक ऑवर में यात्रियों को हर 15 मिनट में मेट्रो मिलेगी।
दिन के सामान्य समय में ट्रेन का अंतर करीब 30 मिनट रहेगा।
पहले यात्रियों को मेट्रो के लिए करीब 75 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन नए सिस्टम के बाद यह अंतर काफी कम हो जाएगा।
50 ट्रिप लगाएगी भोपाल मेट्रो
नई व्यवस्था के तहत सुभाष नगर से एम्स के बीच मेट्रो कुल 50 ट्रिप लगाएगी।
दोनों ट्रैक पर संचालन शुरू होने से:
ट्रेन संचालन ज्यादा सुचारु होगा।
यात्रियों का प्रतीक्षा समय कम होगा।
ऑफिस जाने वाले यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिलेगी।
सुबह और शाम के समय मेट्रो का उपयोग बढ़ेगा।
मेट्रो प्रबंधन का उद्देश्य यात्रियों को अधिक भरोसेमंद और सुविधाजनक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराना है।
जून में CMRS ने किया था निरीक्षण
भोपाल मेट्रो में सिग्नलिंग सिस्टम शुरू करने से पहले कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने जून महीने में निरीक्षण किया था।
CMRS की टीम ने भोपाल में दो दिन तक रहकर मेट्रो कॉरिडोर, सुरक्षा व्यवस्था और सिग्नलिंग सिस्टम की जांच की थी।
निरीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद नए सिस्टम के संचालन को मंजूरी मिली।
इसके बाद 25 जुलाई से नए सिस्टम के अनुसार मेट्रो संचालन शुरू करने की योजना बनाई गई।
करीब 800 करोड़ रुपये में तैयार हुआ सिग्नलिंग सिस्टम
भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर में सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा किया गया है।
जानकारी के अनुसार, करीब 30 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए लगभग ₹800 करोड़ रुपये के टेंडर के तहत यह काम किया जा रहा है।
सिग्नलिंग सिस्टम को मेट्रो नेटवर्क की रीढ़ माना जाता है। यही सिस्टम यह तय करता है कि:
ट्रेन कितनी दूरी पर चलेगी।
ट्रेनों के बीच कितना अंतर रहेगा।
ट्रेन की गति कितनी होगी।
आपात स्थिति में संचालन कैसे नियंत्रित होगा।
क्या होता है सिग्नलिंग सिस्टम?
मेट्रो जैसी आधुनिक परिवहन व्यवस्था में सिग्नलिंग सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण होता है।
यह सिस्टम:
दो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखता है।
ट्रेन की गति को नियंत्रित करता है।
ऑटोमेटेड ऑपरेशन में मदद करता है।
आपात स्थिति में कंट्रोल सिस्टम को सक्रिय करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के मल्टी-ट्रैक ऑपरेशन पूरी क्षमता से संभव नहीं होता।
नए सिस्टम के लागू होने के बाद भोपाल मेट्रो अपनी क्षमता के अनुसार अधिक प्रभावी तरीके से संचालित हो सकेगी।
दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक का इस्तेमाल
भोपाल मेट्रो में जिस आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक को लागू किया जा रहा है, वह दिल्ली मेट्रो जैसे बड़े नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाली तकनीक के समान है।
इस तकनीक के आने के बाद:
ट्रेनों के बीच दूरी कम होगी।
मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी।
दोनों दिशाओं में संचालन आसान होगा।
यात्रियों को ज्यादा नियमित सेवा मिलेगी।
यात्रियों के लिए लागू हुई डिस्काउंट पॉलिसी
भोपाल मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों को आकर्षित करने के लिए प्रमोशनल डिस्काउंट योजना भी शुरू की है।
इसके तहत:
रिटर्न जर्नी टिकट पर 5 प्रतिशत छूट मिलेगी।
ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
इसके अलावा MPMRCL मोबाइल ऐप से ई-वॉलेट रिचार्ज करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बोनस राशि मिलेगी।
रिचार्ज के अनुसार बोनस:
₹200 से ₹499 तक रिचार्ज पर 8% बोनस
₹500 से ₹999 तक रिचार्ज पर 10% बोनस
₹1000 से ₹1499 तक रिचार्ज पर 12% बोनस
₹1500 से ₹2000 तक रिचार्ज पर 15% बोनस
इससे यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग और कैशलेस भुगतान का फायदा मिलेगा।
स्टेशन 15 मिनट पहले खुलेंगे
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो स्टेशन पहली ट्रेन के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले खोल दिए जाएंगे।
इससे यात्रियों को:
स्टेशन में प्रवेश करने।
सुरक्षा जांच पूरी करने।
प्लेटफॉर्म तक पहुंचने।
के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
इन स्टेशनों पर उपलब्ध रहेगी मैनुअल टिकटिंग सुविधा
यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्टेशनों पर मैनुअल टिकटिंग व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
टिकटिंग सुविधा इन स्थानों पर रहेगी:
सुभाष नगर स्टेशन: गेट नंबर-3
केंद्रीय विद्यालय स्टेशन: गेट नंबर-3
बोर्ड ऑफिस स्टेशन: गेट नंबर-3
एमपी नगर स्टेशन: गेट नंबर-3
रानी कमलापति स्टेशन: गेट नंबर-2
डीआरएम ऑफिस स्टेशन: गेट नंबर-3
अलकापुरी स्टेशन: गेट नंबर-3
एम्स स्टेशन: गेट नंबर-1
भोपाल मेट्रो विस्तार की दिशा में बड़ा कदम
भोपाल मेट्रो की शुरुआत के बाद से लगातार इसके संचालन को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
सुभाष नगर से एम्स तक का यह प्रायोरिटी कॉरिडोर शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ता है। इसमें एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस, रानी कमलापति स्टेशन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
दोनों ट्रैक पर संचालन और नई सिग्नलिंग व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद है कि यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी।
यात्रियों को अब क्या फायदा मिलेगा?
नई व्यवस्था से भोपालवासियों को कई फायदे मिलेंगे:
मेट्रो के लिए कम इंतजार करना होगा।
ऑफिस और कॉलेज जाने वालों को सुविधा मिलेगी।
यात्रा का समय कम होगा।
ट्रेनों की संख्या और फेरे बढ़ेंगे।
मेट्रो संचालन ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित होगा।
भोपाल मेट्रो के लिए यह बदलाव शहर में तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
news desk MPcg