हापुड़ में खुले में मिले पशु अवशेषों पर कार्रवाई अधूरी: पुलिस का इंतजार करती रहीं टीमें, DM ने मांगी रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रामपुर रोड पर खुले में पड़े और सूख रहे पशु अवशेषों के मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और विभागों के बीच समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन मौके पर पुलिस बल समय पर नहीं पहुंचा। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के इंतजार के बीच अधिकांश पशु अवशेष कथित रूप से वहां से हटा दिए गए। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी कविता मीना ने विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा है।
खबर सामने आने के बाद हरकत में आया प्रशासन
रामपुर रोड क्षेत्र में खुले मैदानों और खंडहरनुमा स्थानों पर बड़ी मात्रा में पशु अवशेष पड़े होने और उनसे दुर्गंध फैलने की खबरें सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। अधिकारियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई का निर्णय लिया था।
योजना के अनुसार टीम गुरुवार को मौके पर पहुंची, लेकिन निर्धारित समन्वय नहीं बन सका। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पुलिस बल समय पर नहीं पहुंचा, जिससे कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
मौके पर पहुंचने तक हटाए जा चुके थे अधिकांश अवशेष
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर पालिका की टीम जब रामपुर रोड स्थित स्थान पर पहुंची तो वहां पहले की तुलना में अधिकांश पशु अवशेष नहीं मिले। अधिकारियों को सूचना मिली कि कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद उन्हें आसपास के दूसरे स्थानों पर ले जाया गया।
इसके बाद टीम संदिग्ध परिसरों तक पहुंची, लेकिन एक परिसर का मुख्य दरवाजा बंद मिला, जबकि दूसरे स्थान तक पहुंचने में रास्ता खराब होने की समस्या सामने आई। इस कारण पूरी जांच नहीं हो सकी।
बुलडोजर की व्यवस्था में भी हुई देरी
अधिकारियों ने बंद परिसर तक पहुंचने और वहां पड़े संभावित पशु अवशेषों को हटाने के लिए नगर पालिका से बुलडोजर और अन्य संसाधनों की मांग की। हालांकि आवश्यक मशीनरी उपलब्ध कराने में भी काफी समय लग गया।
इस बीच पुलिस बल की अनुपस्थिति के कारण अधिकारी किसी भी परिसर की विधिवत तलाशी या साक्ष्य जब्त करने की कार्रवाई नहीं कर सके।
पुलिस के इंतजार में अधूरी रही कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी नहीं होने के कारण प्रशासनिक टीम कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई नहीं कर सकी। मौके से कोई साक्ष्य जब्त नहीं किया जा सका और देर शाम तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
इस घटनाक्रम ने विभागों के बीच समन्वय की कमी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल
रामपुर रोड और आसपास की कॉलोनियों के निवासियों का कहना है कि लंबे समय से खुले में पड़े पशु अवशेषों से तेज दुर्गंध फैल रही थी। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई शुरू होने से पहले ही अधिकांश अवशेष हट जाना यह संकेत देता है कि कार्रवाई की सूचना पहले ही संबंधित लोगों तक पहुंच गई थी।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्लॉटर हाउस संचालक ने आरोपों से किया इनकार
मामले में स्थानीय स्लॉटर हाउस संचालक हाजी नौशाद ने अपने प्रतिष्ठान का किसी भी पशु अवशेष से संबंध होने से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि उनके प्रतिष्ठान से किसी भी प्रकार के पशु अवशेष खुले में नहीं फेंके जाते और न ही सूखने के लिए भेजे जाते हैं।
फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खुले में मिले पशु अवशेषों के लिए कौन जिम्मेदार है।
अवैध पशु कटान की आशंका पर भी चर्चा
रामपुर रोड क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मिले पशु अवशेषों के बाद स्थानीय स्तर पर अवैध पशु कटान की संभावित गतिविधियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी अवैध नेटवर्क की पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।
जिलाधिकारी ने मांगी विस्तृत जांच रिपोर्ट
हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीना ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में पशु अवशेष पड़े रहने से दुर्गंध के साथ संक्रमण और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में समय पर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण आवश्यक होता है ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है। पुलिस, नगर पालिका और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय होने की संभावना है।
प्रमुख बिंदु
हापुड़ के रामपुर रोड पर खुले में मिले पशु अवशेषों के मामले में संयुक्त कार्रवाई अधूरी रही।
पुलिस समय पर नहीं पहुंची, इस दौरान अधिकांश अवशेष कथित रूप से हटा दिए गए।
बंद परिसर और संसाधनों की कमी के कारण टीम पूरी जांच नहीं कर सकी।
स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में देरी और सूचना लीक होने के आरोप लगाए, जिनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्लॉटर हाउस संचालक ने सभी आरोपों से इनकार किया।
जिलाधिकारी कविता मीना ने विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
news desk MPcg