कनाडा में एअर इंडिया कनिष्क बम विस्फोट मामले के संदिग्ध रिपुदमन सिंह मलिक के हत्यारे को 15 साल की सजा, जानिए पूरा मामला टैनर फॉक्स को चाड कोलिवास हत्या मामले में मिली सजा
कनाडा की एक अदालत ने एअर इंडिया फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ बम विस्फोट मामले से जुड़े रहे सिख कारोबारी रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के आरोपी टैनर फॉक्स को एक अन्य हत्या के मामले में 15 साल की जेल की सजा सुनाई है।
ब्रिटिश कोलंबिया की अदालत ने 25 वर्षीय टैनर फॉक्स को चाड कोलिवास की हत्या के मामले में दोषी ठहराया। फॉक्स ने अदालत में हत्या का अपराध स्वीकार किया था, जिसके बाद बुधवार को उसे 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि टैनर फॉक्स का नाम बाद में कनाडा में हुए एक हाई-प्रोफाइल हत्याकांड यानी रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या से भी जुड़ा था। मलिक 1985 में हुए एअर इंडिया कनिष्क बम विस्फोट मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल रहे थे, हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था।
क्या था चाड कोलिवास हत्या मामला?
मामले के अनुसार, 21 मार्च 2022 को ब्रिटिश कोलंबिया के एबाट्सफोर्ड शहर में 41 वर्षीय चाड कोलिवास अपने घर में गोली लगने से घायल अवस्था में मिले थे।
गंभीर रूप से घायल कोलिवास की बाद में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हत्या के आरोप में टैनर फॉक्स और 30 वर्षीय लेटिटिया एसेरा को गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों की भूमिका की पड़ताल की। अदालत में सुनवाई के दौरान:
टैनर फॉक्स ने हत्या का अपराध स्वीकार किया।
लेटिटिया एसेरा ने जबरन घर में घुसने का अपराध कबूल किया।
इसके बाद अदालत ने लेटिटिया एसेरा को चार साल की जेल की सजा सुनाई, जबकि हत्या के मुख्य आरोपी टैनर फॉक्स को 15 साल के कारावास का आदेश दिया गया।
रिपुदमन सिंह मलिक हत्या से जुड़ा टैनर फॉक्स का नाम
चाड कोलिवास की हत्या के करीब चार महीने बाद टैनर फॉक्स का नाम एक और चर्चित हत्या मामले में सामने आया।
14 जुलाई 2022 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे इलाके में सिख कारोबारी रिपुदमन सिंह मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के समय मलिक अपनी टेस्ला कार में बैठे हुए थे, तभी उन्हें गोली मारी गई। इस हत्या ने कनाडा समेत दुनिया भर में रहने वाले भारतीय समुदाय का ध्यान खींचा था।
जांच के दौरान पुलिस ने इस हत्याकांड में टैनर फॉक्स और उसके सहयोगियों की भूमिका की जांच की।
कौन थे रिपुदमन सिंह मलिक?
रिपुदमन सिंह मलिक कनाडा में रहने वाले सिख कारोबारी थे। वह 1985 के एअर इंडिया फ्लाइट 182 कनिष्क बम विस्फोट मामले में आरोपी बनाए गए लोगों में शामिल थे।
एअर इंडिया कनिष्क विमान विस्फोट कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी आतंकवादी घटनाओं में से एक माना जाता है।
इस मामले में मलिक और अन्य आरोपियों पर विमान में बम रखने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
हालांकि, लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत में उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके और उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया था।
1985 का एअर इंडिया कनिष्क बम विस्फोट: क्या हुआ था?
23 जून 1985 को एअर इंडिया की फ्लाइट 182 ‘कनिष्क’ आतंकवादी हमले का शिकार हुई थी।
यह विमान मॉन्ट्रियल से लंदन होते हुए भारत आ रहा था। उड़ान के दौरान विमान में विस्फोट हुआ और यह आयरलैंड के तट के पास अटलांटिक महासागर में गिर गया।
इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 329 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी।
मृतकों में शामिल थे:
268 कनाडाई नागरिक
27 ब्रिटिश नागरिक
22 भारतीय नागरिक
यह घटना कनाडा की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण मामला बन गई।
कनिष्क बम विस्फोट मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया
एअर इंडिया कनिष्क विस्फोट के बाद कनाडाई जांच एजेंसियों ने लंबे समय तक इस मामले की जांच की।
कई वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद कुछ लोगों को आरोपी बनाया गया। हालांकि, अदालत में अभियोजन पक्ष कई आरोपों को साबित नहीं कर सका।
रिपुदमन सिंह मलिक भी इसी मामले में आरोपी बनाए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें अदालत से राहत मिली।
मलिक हमेशा खुद को निर्दोष बताते रहे और उन्होंने कहा था कि उनका इस हमले से कोई संबंध नहीं था।
मलिक की हत्या के बाद फिर चर्चा में आया पुराना मामला
जुलाई 2022 में रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के बाद एक बार फिर 1985 के कनिष्क बम विस्फोट मामले की चर्चा शुरू हो गई।
मलिक की हत्या ने कई सवाल खड़े किए, क्योंकि वह एक ऐसा नाम थे जो दशकों पुराने आतंकवादी मामले से जुड़ा रहा था।
हालांकि, जांच एजेंसियों ने हत्या के पीछे के कारणों को अलग अपराध के रूप में जांचा।
अदालत ने क्यों सुनाई टैनर फॉक्स को 15 साल की सजा?
चाड कोलिवास हत्या मामले में अदालत ने टैनर फॉक्स के अपराध स्वीकार करने और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सजा सुनाई।
अदालत के फैसले के अनुसार:
फॉक्स ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की।
मामले में उपलब्ध सबूतों और तथ्यों के आधार पर उसे दोषी माना गया।
उसे 15 साल के कारावास की सजा दी गई।
यह सजा सीधे तौर पर चाड कोलिवास हत्या मामले से संबंधित है।
कनाडा में बढ़ती आपराधिक जांचों के बीच बड़ा मामला
कनाडा में पिछले कुछ वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों ने सुर्खियां बटोरी हैं। रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या भी ऐसे ही मामलों में शामिल रही है, जिसने पुराने आतंकवाद मामलों और नए आपराधिक नेटवर्क के बीच संबंधों पर चर्चा को जन्म दिया।
कनाडाई जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में लगातार अपराधियों और उनके नेटवर्क की भूमिका की जांच करती रही हैं।
पूरे मामले की टाइमलाइन
1985
एअर इंडिया फ्लाइट 182 कनिष्क में बम विस्फोट हुआ, जिसमें 329 लोगों की मौत हुई।
2022 (मार्च)
ब्रिटिश कोलंबिया में चाड कोलिवास की गोली मारकर हत्या हुई।
2022 (जुलाई)
रिपुदमन सिंह मलिक की सरे, ब्रिटिश कोलंबिया में गोली मारकर हत्या हुई।
2023
टैनर फॉक्स और लेटिटिया एसेरा को गिरफ्तार किया गया।
2026
टैनर फॉक्स को चाड कोलिवास हत्या मामले में 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई।
निष्कर्ष
कनाडा की अदालत का यह फैसला एक ऐसे मामले में आया है, जिसमें एक आरोपी का नाम दो अलग-अलग हत्या मामलों से जुड़ा रहा। टैनर फॉक्स को फिलहाल चाड कोलिवास हत्या मामले में सजा सुनाई गई है, जबकि उसका नाम रिपुदमन सिंह मलिक हत्याकांड में भी सामने आया था।
वहीं, रिपुदमन सिंह मलिक से जुड़ा 1985 का एअर इंडिया कनिष्क बम विस्फोट मामला कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बना हुआ है, जिसमें 329 लोगों की जान गई थी।
news desk MPcg