लखनऊ में CM ऑफिस के बाहर आत्मदाह की कोशिश: जमीन विवाद से परेशान चाचा-भतीजे ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालने का किया प्रयास, पुलिस ने समय रहते बचाया
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (लोकभवन) के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब जमीन विवाद से परेशान एक चाचा-भतीजे ने कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किया। दोनों लोकभवन के गेट नंबर-9 के पास पहुंचे और अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने की कोशिश की। हालांकि, वहां तैनात आत्मदाह निरोधक दस्ता और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया और किसी भी बड़ी घटना को होने से रोक दिया।
घटना के बाद दोनों को हजरतगंज थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों कई वर्षों से चल रहे पुश्तैनी जमीन विवाद से परेशान थे और उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर उन्हें न्याय नहीं मिल रहा था।
सुबह लोकभवन पहुंचे, बोतल में रखा था ज्वलनशील पदार्थ
पुलिस के अनुसार, दुबग्गा क्षेत्र के लीला खेड़ा कटौली गांव निवासी राम गणेश और उनके भतीजे सतीश कुमार गौतम शुक्रवार सुबह लोकभवन पहुंचे। दोनों के हाथ में पेयजल की बोतलें थीं, जिन पर टेप लगा हुआ था। जांच में पता चला कि बोतलों में ज्वलनशील पदार्थ भरा हुआ था।
जैसे ही दोनों लोकभवन के गेट नंबर-9 के पास पहुंचे, उन्होंने कथित तौर पर अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास किया। मौके पर पहले से तैनात आत्मदाह निरोधक दस्ता और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों को पकड़ लिया और सुरक्षित हिरासत में ले लिया।
छह साल से चल रहा पुश्तैनी जमीन का विवाद
हजरतगंज थाने में पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि गांव में स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन पर परिवार के ही एक व्यक्ति ने अपने कुछ साथियों के साथ कथित कब्जा कर लिया है। उनका आरोप है कि पिछले लगभग छह वर्षों से वे इस मामले में थाना, तहसील और कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला।
दोनों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हुआ, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। इसी कारण वे अपनी समस्या सरकार तक सीधे पहुंचाने के लिए लोकभवन आए थे।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर टाली बड़ी घटना
लोकभवन प्रदेश का हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र माना जाता है। यहां सुरक्षा व्यवस्था के तहत विशेष आत्मदाह निरोधक दस्ता भी तैनात रहता है। इसी सतर्कता के कारण पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने दोनों की गतिविधि पर तुरंत ध्यान दिया और उन्हें किसी भी गंभीर कदम से पहले ही रोक लिया।
यदि सुरक्षा कर्मी समय रहते सक्रिय नहीं होते, तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी।
राजस्व विभाग से जुड़ा है मामला
हजरतगंज के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रजनीश वर्मा ने बताया कि पूछताछ के आधार पर संबंधित जानकारी दुबग्गा पुलिस को भेज दी गई है। प्रारंभिक जांच में मामला राजस्व विभाग और पुश्तैनी जमीन विवाद से जुड़ा पाया गया है। स्थानीय पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन करेगा आगे की जांच
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा होगी और संबंधित राजस्व अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। फिलहाल दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित रखा गया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
लोकभवन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आत्मदाह के प्रयास की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की सतर्कता के साथ-साथ लंबे समय से लंबित भूमि विवादों के समाधान की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। प्रशासन अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगा।
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