भोपाल में BRICS सम्मेलन का तीसरा दिन, संस्कृति मंत्रियों का जमावड़ा; शाम को सजेगा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव

भोपाल में BRICS सम्मेलन का तीसरा दिन, संस्कृति मंत्रियों का जमावड़ा; शाम को सजेगा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव

BRICS सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे, बैठकों में सांस्कृतिक सहयोग और विरासत संरक्षण पर होगा मंथन


भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन का शुक्रवार को तीसरा दिन कई मायनों में अहम रहने वाला है। आज BRICS सदस्य देशों के साथ-साथ भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि विभिन्न सत्रों में हिस्सा लेंगे। इन बैठकों में सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत बनाने, साझा विरासत के संरक्षण, रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने और वैश्विक सांस्कृतिक साझेदारी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।

सम्मेलन में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित BRICS समूह के सदस्य देशों के अलावा भागीदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं। विभिन्न देशों के मंत्री और अधिकारी सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संग्रहालयों के आधुनिकीकरण, पारंपरिक कला और डिजिटल तकनीक के माध्यम से विरासत संरक्षण जैसे मुद्दों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। भारत इस मंच के जरिए अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत कर रहा है।

शाम को होगा भव्य सांस्कृतिक महोत्सव

सम्मेलन के तीसरे दिन की सबसे बड़ी आकर्षण शाम को आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव रहेगा। भोपाल के रविंद्र भवन में होने वाले इस कार्यक्रम में भारत सहित कई देशों के कलाकार लोकनृत्य, शास्त्रीय नृत्य, संगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। विभिन्न देशों की कला और संस्कृति की झलक एक ही मंच पर देखने को मिलेगी, जिससे दर्शकों को वैश्विक सांस्कृतिक विविधता का अनुभव होगा।

भोपाल बना अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र

BRICS सम्मेलन के आयोजन के साथ भोपाल इन दिनों अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। शहर में विदेशी प्रतिनिधियों का लगातार आगमन हो रहा है और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। सम्मेलन स्थल पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय मुलाकातों का सिलसिला भी जारी है।

भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन से भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को नई दिशा मिलेगी। साझा सांस्कृतिक परियोजनाओं, विरासत संरक्षण, पर्यटन, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होने की संभावना है। भोपाल में आयोजित यह सम्मेलन BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।