बांग्लादेश में क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर हमला, पत्थर और पेट्रोल बम फेंकने का आरोप; शेख हसीना के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बढ़ा विवाद

बांग्लादेश में क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर हमला, पत्थर और पेट्रोल बम फेंकने का आरोप; शेख हसीना के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बढ़ा विवाद

मगुरा स्थित पैतृक घर को बनाया गया निशाना, घटना के वक्त घर खाली था; पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई, हमलावरों की तलाश जारी

ढाका/मगुरा। बांग्लादेश के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के पैतृक घर पर हमला होने की खबर सामने आई है। यह घटना उस समय हुई, जब शाकिब अल हसन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के एक वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने मगुरा शहर के साहापारा इलाके में स्थित शाकिब के घर पर पत्थर फेंके और खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा घर में आग लगाने की कोशिश किए जाने का भी दावा किया गया है।

पुलिस के अनुसार, घटना के समय घर खाली था, इसलिए किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

रात करीब 8:45 बजे हुआ हमला

मगुरा सदर थाना पुलिस के अधिकारी मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून के अनुसार, यह घटना रात करीब 8:45 बजे से 9 बजे के बीच हुई। कुछ उपद्रवियों ने शाकिब के घर को निशाना बनाया और पत्थर फेंके।

पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने घर के बाहर और मुख्य गेट के आसपास नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि हमलावर अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ लेकर आए थे। कुछ बोतलें भी मौके से मिलने की बात कही गई है, जिनकी जांच पुलिस कर रही है।

शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए थे शाकिब

यह हमला उस समय हुआ, जब शाकिब अल हसन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन में शामिल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, शेख हसीना ने लंबे समय बाद एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संबोधित किया था।

इस वर्चुअल कार्यक्रम में शाकिब अल हसन के अलावा शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी भी मौजूद थे।

शाकिब अल हसन बांग्लादेश की सत्तारूढ़ रही अवामी लीग पार्टी से जुड़े रहे हैं और उन्होंने इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर सांसद का पद भी संभाला था।

राजनीतिक जुड़ाव के कारण पहले भी निशाने पर रहे शाकिब

शाकिब अल हसन का नाम पिछले कुछ समय से बांग्लादेश की राजनीति से भी जुड़ा रहा है। क्रिकेट करियर के साथ उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और अवामी लीग के सांसद बने।

साल 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक संकट और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भी शाकिब की आलोचना हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सांसद होने के बावजूद उन्होंने आंदोलन के दौरान कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।

बाद में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद देश के कई हिस्सों में पार्टी नेताओं और पूर्व सांसदों के घरों को निशाना बनाया गया था। उस दौरान शाकिब का मगुरा स्थित घर भी उपद्रवियों के निशाने पर आया था।

हमले के वक्त शाकिब बांग्लादेश में नहीं थे

जानकारी के मुताबिक, हमले के समय शाकिब अल हसन घर पर मौजूद नहीं थे। वह इस समय श्रीलंका में हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

पुलिस अब हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

शाकिब पर दर्ज हैं आपराधिक मामले

बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद शाकिब अल हसन के खिलाफ कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए थे। इनमें 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई एक मौत से जुड़ा मामला भी शामिल बताया गया था।

हालांकि उस समय शाकिब देश से बाहर थे और उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। इसी तरह कई अन्य अवामी लीग नेताओं पर भी मुकदमे दर्ज किए गए थे।

बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव जारी

बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से लगातार तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। अवामी लीग से जुड़े नेताओं और समर्थकों को कई जगह विरोध और हमलों का सामना करना पड़ा है।

शाकिब अल हसन पर हुआ हमला इसी राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हमले के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कौन लोग शामिल थे।

पुलिस जांच में जुटी

मगुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शाकिब अल हसन की ओर से इस घटना को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस जानकारी और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। हमले की जांच आगे बढ़ने के साथ घटनाक्रम में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।