महिला पहलवान यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी, कोर्ट ने कहा- आरोप साबित नहीं हुए; 3 साल बाद आया फैसला
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेता और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रहा। मामले में बृजभूषण सिंह के साथ WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी बरी किया गया है।
फैसला सुनाए जाने के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर अदालत में मौजूद थे। कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण सिंह ने इसे खुशी का दिन बताया और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था।
उन्होंने कहा, "होइहि सोइ जो राम रचि राखा।" बृजभूषण ने पहले भी कहा था कि अगर आरोप साबित होते हैं तो वह किसी भी सजा के लिए तैयार हैं।
1133 दिन बाद आया फैसला, 127 बार हुई सुनवाई
यह मामला जनवरी 2023 में उस समय सामने आया था, जब देश के कई प्रमुख महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था।
मामले में करीब 1133 दिनों की कानूनी प्रक्रिया के बाद फैसला आया। इस दौरान अदालत में कुल 127 सुनवाई हुईं। दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें 2 जुलाई 2026 को पूरी हुई थीं, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
फैसला एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार की अदालत ने सुनाया।
क्या था पूरा मामला?
जनवरी 2023 में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई खिलाड़ियों ने भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर धरना दिया था।
पहलवानों ने आरोप लगाया था कि WFI अध्यक्ष रहते हुए बृजभूषण सिंह ने महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और खेल जगत में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।
शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मई 2023 में बृजभूषण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट
जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने 10 मई 2024 को चार्जशीट के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ।
बृजभूषण सिंह को 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत मिली हुई थी।
हालांकि, अदालत ने सुनवाई के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया, जिसके चलते दोनों आरोपियों को बरी कर दिया गया।
नाबालिग पहलवान ने वापस ली थी शिकायत
मामले में शुरुआत में छह महिला पहलवानों ने शिकायत दर्ज कराई थी। एक नाबालिग पहलवान ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली थी और अपने बयान में बदलाव किया था।
इसके बाद पुलिस ने नाबालिग पहलवान से जुड़े मामले में अलग रिपोर्ट पेश की थी।
फैसले के बाद समर्थकों ने किया स्वागत
कोर्ट से बरी होने के बाद जब बृजभूषण शरण सिंह अपने आवास पहुंचे तो समर्थकों ने उनका स्वागत किया। समर्थकों ने फूल बरसाए और पटाखे भी फोड़े।
उनके बेटे करण भूषण सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह सत्य की जीत है और उनके पिता को सम्मानपूर्वक बरी किया गया है।
वहीं, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बृजभूषण सिंह पर लगाए गए आरोप गलत थे और अदालत के फैसले से कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।
पहलवानों के पास हाईकोर्ट जाने का विकल्प
कानूनी जानकारों के अनुसार, किसी आरोपी के बरी होने का मतलब यह होता है कि अदालत में आरोप साबित नहीं हो पाए और उसे सजा नहीं दी जा सकती।
शिकायतकर्ता महिला पहलवानों के पास इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का विकल्प मौजूद है। इसके लिए उन्हें तय कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत की अनुमति लेनी होगी।
पहलवानों के आंदोलन से जुड़े प्रमुख घटनाक्रम
जनवरी 2023: पहला धरना
18 जनवरी 2023: विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया।
20 जनवरी 2023: पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को शिकायत सौंपी।
21 जनवरी 2023: खेल मंत्रालय के आश्वासन के बाद पहला प्रदर्शन समाप्त हुआ।
अप्रैल-जून 2023: दोबारा शुरू हुआ आंदोलन
23 अप्रैल 2023: पहलवान दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
28 अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
28 मई 2023: नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने पहलवानों को हिरासत में लिया।
30 मई 2023: पहलवान हरिद्वार में अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने पहुंचे, लेकिन किसान नेता नरेश टिकैत के समझाने के बाद फैसला टाल दिया।
7 जून 2023: खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बातचीत के बाद पहलवानों ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
निष्कर्ष:
करीब तीन साल तक चले इस चर्चित मामले में अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को राहत मिली है। वहीं, शिकायतकर्ता पहलवानों के पास अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे अपील करने का रास्ता खुला है।
news desk MPcg