सिद्धिविनायक मंदिर चढ़ावा घोटाला: 46 कर्मचारी सस्पेंड, 9 गिरफ्तार

सिद्धिविनायक मंदिर चढ़ावा घोटाला: 46 कर्मचारी सस्पेंड, 9 गिरफ्तार

मुंबई के विश्व प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद अब तक 46 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मंदिर में चढ़ावे की गिनती और उससे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मंदिर परिसर और चढ़ावा गिनती कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहन जांच की गई। फुटेज और अन्य दस्तावेजों में कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसीबी अब बैंक रिकॉर्ड, नकद लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने बताया कि वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत ट्रस्ट ने स्वयं एसीबी को दी थी। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे से किसी भी तरह की छेड़छाड़ या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।

ट्रस्ट ने यह भी कहा है कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्डिंग और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इधर, इस मामले से जुड़ी जांच में कुछ नए तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी एसीबी अलग से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और एसीबी पूरे मामले की हर कड़ी को खंगाल रही है।