लोकसभा में पेश हुआ आयकर संशोधन विधेयक 2026

लोकसभा में पेश हुआ आयकर संशोधन विधेयक 2026

विधेयक के तहत पात्र विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign Portfolio Investors - FPIs) और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) को सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities या G-Secs) पर मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ (Capital Gains) पर स्थायी रूप से आयकर छूट देने का प्रस्ताव है। यह कर राहत 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस कदम से भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार को मजबूती मिलेगी, विदेशी निवेश बढ़ेगा, बाजार में तरलता (Liquidity) बेहतर होगी और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रुपये को स्थिरता मिल सकेगी।

विधेयक में डिजिटल टैक्स प्रशासन को भी मजबूत करने का प्रस्ताव है। इसके तहत औपचारिक जांच के दौरान, कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, कर अधिकारियों को डिजिटल खातों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच करने के लिए कानूनी अधिकार दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे कर चोरी पर अंकुश लगाने और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

हालांकि, यह विधेयक अभी संसद की प्रक्रिया से गुजरना बाकी है। लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने तथा राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून के रूप में लागू होगा।