श्रावणी मेला 2026: बांका के 54 KM लंबे कांवड़िया पथ पर तैयारियां अंतिम चरण में, दिल्ली की तर्ज पर होगी आकर्षक लाइटिंग; सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिन-रात चल रहा काम
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मेले की शुरुआत में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में प्रशासन कांवड़िया पथ को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और आकर्षक बनाने में जुटा हुआ है।
बांका जिले में स्थित करीब 54 किलोमीटर लंबे कांवड़िया पथ पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के नेतृत्व में कांवड़िया पथ पर विभिन्न विकास और सौंदर्यीकरण कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
दिल्ली की तर्ज पर होगी विशेष लाइटिंग व्यवस्था
इस बार श्रावणी मेले में कांवड़िया पथ को आकर्षक बनाने के लिए विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक रोशनी की व्यवस्था की जा रही है, जिससे रात के समय पूरा मार्ग जगमग नजर आएगा।
बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित धौरी यात्री प्रवेश द्वार को भी भव्य रूप दिया जा रहा है। यहां सजावट और स्वागत द्वार तैयार किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मेले में प्रवेश करते समय विशेष अनुभव मिल सके।
इसके अलावा कांवड़िया पथ पर गंगा की महीन बालू बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। श्रद्धालुओं के पैदल चलने के लिए मार्ग को सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
54 किलोमीटर के मार्ग पर बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं
श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर की ओर जाते हैं। इस यात्रा के दौरान बांका जिले का कांवड़िया पथ बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से रास्ते में कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें शामिल हैं:
कांवड़िया पथ की साफ-सफाई
पेयजल व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था
विश्राम स्थल
चिकित्सा सुविधाएं
पुलिस सहायता केंद्र
नियंत्रण कक्ष
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर बनेंगे पुलिस कैंप
श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी व्यापक तैयारी की है।
पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार के निर्देशन में कांवड़िया पथ के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस शिविर स्थापित किए जाएंगे।
बेलहर और जिलेबिया मोड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत:
धौरी
जोरीपार
मधुकरपुर
शिवलोक
दसपसैया
चंदननगर
जिलेबिया मोड़
जिलेबिया पहाड़
नीमाटांड़
सहित कई स्थानों पर पुलिस कैंप बनाए जाएंगे।
इसके अलावा कटोरिया, सुईया और चांदन थाना क्षेत्रों में भी पुलिस कैंप के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है।
नियंत्रण कक्ष से होगी पूरे मेले की निगरानी
मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष और उप-नियंत्रण कक्ष तैयार किए जा रहे हैं।
प्रशासन इन केंद्रों के माध्यम से कांवड़िया पथ की गतिविधियों पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बेलहर एसडीपीओ रविंद्रमोहन प्रसाद मेले की ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों के ठहरने सहित अन्य व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
वहीं, बीडीओ कुमार सौरभ भी लगातार कांवड़िया पथ का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस
श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सफाई व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन की ओर से पूरे मार्ग पर नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की गई है। कांवड़िया पथ को साफ और सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
मंगलवार तक पूरी हो जाएंगी सभी तैयारियां
प्रशासन के अनुसार, कांवड़िया पथ से जुड़ी सभी प्रमुख तैयारियां जल्द पूरी कर ली जाएंगी। अधिकारियों का दावा है कि समय पर सभी व्यवस्थाएं तैयार कर ली जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धौरी प्रवेश द्वार को भव्य स्वरूप देने का काम तेजी से जारी है। प्रशासन का उद्देश्य इस बार श्रावणी मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार बनाना है।
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है श्रावणी मेला
श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं और बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
बांका का कांवड़िया पथ इस धार्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही वजह है कि प्रशासन हर साल यहां सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देता है।
इस बार आधुनिक लाइटिंग, बेहतर साफ-सफाई और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ प्रशासन श्रद्धालुओं को एक बेहतर धार्मिक यात्रा अनुभव देने की तैयारी में जुटा है।
news desk MPcg