भोपाल मास्टर प्लान विवाद: कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय घेरा, पुतला फूंका; पीसी शर्मा बोले- 25 साल से शहर नियोजन के इंतजार में

भोपाल मास्टर प्लान विवाद: कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय घेरा, पुतला फूंका; पीसी शर्मा बोले- 25 साल से शहर नियोजन के इंतजार में

व्यापारियों पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन, मिक्स लैंड यूज लागू करने की मांग; सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गरमाया मामला

भोपाल। राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान और आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लिंक रोड नंबर-2 स्थित नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया, जमकर नारेबाजी की और निगम के पुतले का दहन किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भोपाल शहर पिछले करीब 25 वर्षों से नए मास्टर प्लान का इंतजार कर रहा है। इसके कारण शहर के विकास, भूमि उपयोग और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द मास्टर प्लान लागू करे और व्यापारियों को राहत देने के लिए मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू की जाए।

करीब 45 मिनट तक चला प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ता गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट पर निगम का पुतला फूंका और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजधानी जैसे बड़े शहर में लंबे समय तक मास्टर प्लान का लागू नहीं होना विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियोजन की कमी का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है।

पीसी शर्मा बोले- सरकार की गलती का खामियाजा भुगत रहे व्यापारी

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि भोपाल पिछले 25 वर्षों से बिना नए मास्टर प्लान के आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण आज शहर में आवासीय और व्यावसायिक उपयोग को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।

पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कार्यकाल के दौरान मास्टर प्लान को अंतिम चरण तक पहुंचाया गया था। उनका दावा है कि यदि सरकार का कार्यकाल कुछ और समय चलता तो मास्टर प्लान लागू हो जाता।

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में व्यापारी परेशान हैं और उन्हें कार्रवाई का डर बना हुआ है। सरकार को तुरंत राहत देते हुए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

मिक्स लैंड यूज लागू करने की मांग

कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान मांग की कि भोपाल में मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि शहर के कई पुराने इलाकों में वर्षों से व्यापारिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, अचानक कार्रवाई करने के बजाय शहर की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नियम बनाए जाने चाहिए, ताकि व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी न हो।

पार्षद गुड्डू चौहान ने उठाया टैक्स का मुद्दा

कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट, बावड़ियाकलां सहित कई इलाकों में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर विवाद है।

उन्होंने सवाल किया कि यदि नियमों के अनुसार इन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं, तो नगर निगम वर्षों से दुकानदारों से कमर्शियल टैक्स क्यों वसूल रहा है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि गलत तरीके से टैक्स लिया गया है तो व्यापारियों को राहत दी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। बुधवार को हुई सुनवाई के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाने के संबंध में निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके आदेश के तहत चल रही जांच प्रक्रिया में किसी दूसरी समानांतर प्रक्रिया से हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अवैध निर्माण और भूमि उपयोग के उल्लंघन के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

नगर निगम ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी की

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब माना जा रहा है कि भोपाल नगर निगम आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर सकता है।

नगर निगम की ओर से अदालत में कहा गया था कि वह नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता है, लेकिन अलग-अलग स्तरों पर आ रही बाधाओं के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही थी।

अब निगम स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर योजना तैयार की जा रही है।

कांग्रेस बोली- निगम की गलती का असर व्यापारियों पर

कांग्रेस नेता शोएब खान ने कहा कि नगर निगम और सरकार की नीतियों के कारण व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम ने वर्षों तक व्यापारियों से टैक्स लिया, लेकिन अब उन्हीं गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की स्थिति बन रही है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रशासन को पहले स्पष्ट नीति बनानी चाहिए और उसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई करनी चाहिए।

क्या है पूरा विवाद?

भोपाल में कई ऐसे इलाके हैं जहां आवासीय उपयोग वाली जमीनों और भवनों में लंबे समय से दुकानें, ऑफिस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

नियमों के अनुसार भूमि उपयोग का निर्धारण मास्टर प्लान के तहत होता है। लेकिन नया मास्टर प्लान लंबे समय से लागू नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

यही वजह है कि व्यापारियों, नगर निगम और प्रशासन के बीच लगातार विवाद बना हुआ है।

व्यापारियों को राहत की मांग

कांग्रेस का कहना है कि कार्रवाई से पहले व्यापारियों को राहत दी जानी चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि राजधानी के कई बाजार दशकों पुराने हैं और वहां अचानक कार्रवाई करने से हजारों परिवार प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द मास्टर प्लान लागू किया जाए, मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था बनाई जाए और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

आगे की रणनीति पर नजर

मामले में अब नगर निगम की कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन पर नियमों के पालन का दबाव है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस व्यापारियों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने की बात कह रही है।

भोपाल का मास्टर प्लान और आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।