राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद में हंगामा, खड़गे ने पूछा- 'ED कहां है?', विपक्ष ने उठाई जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद में हंगामा, खड़गे ने पूछा- 'ED कहां है?', विपक्ष ने उठाई जांच की मांग

अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा और मामले में जांच की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए।

खड़गे ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले का जिक्र करते हुए पूछा कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) कहां है और अब तक क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि राम मंदिर देश की आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।

संसद में इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने सरकार पर निशाना साधा और मामले की जांच कराने की मांग रखी। विपक्ष की ओर से कहा गया कि अगर किसी मामले में आर्थिक अनियमितता या किसी तरह की गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो उसकी जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस दौरान सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय रहती हैं, तो इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने कहा कि जनता को पूरे मामले की जानकारी मिलनी चाहिए।

इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में भी विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन किया। नेताओं ने नारेबाजी करते हुए मामले की जांच और सरकार से जवाब की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार को इस मामले में स्थिति साफ करनी चाहिए और जांच की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

वहीं, सत्तापक्ष की ओर से विपक्ष के आरोपों को खारिज किया गया और कहा गया कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी के चलते संसद का माहौल गर्म रहा और यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।

राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े इस मामले को लेकर अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर है। फिलहाल यह मामला आरोपों और राजनीतिक बहस के बीच है। मामले से जुड़े तथ्यों और जांच की स्थिति को लेकर आने वाले समय में तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।