NEET पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा दावा: महीनों पहले तैयार हो गई थी साजिश, परीक्षा की गोपनीयता पर उठे सवाल
जांच एजेंसी ने चार्जशीट में बताया- पेपर लीक के लिए बनाया गया था पूरा नेटवर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए सवाल
नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच में कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पेपर लीक की साजिश परीक्षा से काफी समय पहले ही तैयार कर ली गई थी। यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर अंजाम दिया गया पूरा खेल था।
CBI की चार्जशीट के अनुसार, परीक्षा की तैयारी और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में आई है। एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र तैयार होने के दौरान ही कुछ लोगों ने सवालों की जानकारी हासिल कर ली थी और बाद में इसे ऐसे लोगों तक पहुंचाया गया, जो इसके बदले आर्थिक फायदा लेने की कोशिश कर रहे थे।
जांच में सामने आया कि पेपर से जुड़े सवालों को अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए प्रश्नों की जानकारी और अन्य सामग्री छात्रों तक भेजी गई। CBI अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ी जोड़ने में जुटी है कि पेपर कहां से लीक हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में केवल कुछ छात्रों को फायदा पहुंचाने तक मामला सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। इसमें बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जो कथित तौर पर पेपर उपलब्ध कराने और छात्रों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।
NEET-UG देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने के सपने के साथ इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की जांच में CBI डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों की जानकारी, आर्थिक लेन-देन और आरोपियों के बीच हुए संवादों की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक की योजना कब बनाई गई और इसमें किस स्तर तक लोगों की भागीदारी रही।
CBI की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अगर आरोप सही साबित होते हैं तो यह देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का मामला माना जाएगा।
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