मिर्जापुर में जलनिकासी की समस्या पर विधायक रत्नाकर मिश्र का सख्त रुख, बोले- "जो गाली देगा, वह लात खाएगा"; बीडीओ को दिए तत्काल समाधान के निर्देश

मिर्जापुर में जलनिकासी की समस्या पर विधायक रत्नाकर मिश्र का सख्त रुख, बोले- "जो गाली देगा, वह लात खाएगा"; बीडीओ को दिए तत्काल समाधान के निर्देश

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नगर विधायक रत्नाकर मिश्र का सख्त अंदाज देखने को मिला। छानबे ब्लॉक क्षेत्र के विजयपुर पावर हाउस परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में पहुंचे विधायक ने क्षेत्रीय लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान गंदे पानी की निकासी को लेकर सामने आई शिकायतों और उससे उपजे विवादों पर नाराजगी जताते हुए विधायक ने कहा कि "जो गाली देगा, वह लात खाएगा।" उनका यह बयान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

महिलाओं ने रखी जलनिकासी की समस्या

कार्यक्रम के दौरान विजयपुर पावर हाउस के सामने रहने वाले विश्वकर्मा परिवार की दो महिलाओं ने विधायक के समक्ष अपनी समस्या रखी। महिलाओं ने बताया कि उनके घरों के आसपास गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण लंबे समय से जलभराव की स्थिति बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि घर के आसपास जमा होने वाला गंदा पानी न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित करता है बल्कि आसपास के लोगों के साथ विवाद का कारण भी बनता है। महिलाओं के अनुसार, जलनिकासी को लेकर पड़ोसियों के बीच अक्सर कहासुनी होती है और कई बार उन्हें गाली-गलौज जैसी परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है।

मौके पर ही अधिकारियों को किया तलब

शिकायत सुनने के बाद विधायक रत्नाकर मिश्र ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर ही खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्या की तत्काल जांच कर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

विधायक ने कहा कि आम जनता की बुनियादी समस्याओं का समय पर निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए।

गाली-गलौज की शिकायत पर जताई नाराजगी

जलनिकासी की समस्या के साथ-साथ महिलाओं द्वारा पड़ोसियों से विवाद और गाली-गलौज की शिकायत भी विधायक के सामने रखी गई। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की।

लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अभद्र भाषा और गाली-गलौज स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी संदर्भ में उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, "जो गाली देगा, वह लात खाएगा।" उनके इस बयान को स्थानीय लोग अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील के रूप में देख रहे हैं।

लंबे समय से बनी हुई है समस्या

स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या नई नहीं है। गंदा पानी जमा होने से आसपास के लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है और स्वच्छता संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि केवल अस्थायी व्यवस्था के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जाए ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने। लोगों ने नालियों की सफाई, जलनिकासी मार्गों के निर्माण और नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

जनसमस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

विधायक रत्नाकर मिश्र ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जलनिकासी की समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं तथा जनता की समस्याओं के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना बयान

उद्घाटन समारोह के दौरान दिया गया विधायक का बयान सोशल और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों का उद्घाटन और जनसमस्याओं को सुनना था, लेकिन जलनिकासी और गाली-गलौज के मुद्दे पर विधायक की तीखी प्रतिक्रिया लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में रही।

फिलहाल स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि विधायक के हस्तक्षेप के बाद लंबे समय से चली आ रही जलनिकासी की समस्या का समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी।