आगरा कैंट स्टेशन पर RPF का बवाल: DSS अधिकारी को 300 मीटर घसीटकर थाने ले गए जवान, मारपीट का वीडियो वायरल; 4 RPF कर्मी सस्पेंड
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे के स्टेशन उपाधीक्षक (Deputy Station Superintendent-DSS) के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि आरपीएफ जवानों ने स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए करीब 300 मीटर दूर आरपीएफ थाने तक ले गए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। शुरुआती कार्रवाई में आरपीएफ इंस्पेक्टर समेत चार आरपीएफ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
महिला यात्री को ट्रेन में चढ़ाने के लिए रुकवाई थी ट्रेन
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की है।
बताया जा रहा है कि अमृतसर से हीराकुंड एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची थी। इसी दौरान एक महिला यात्री ट्रेन से उतरकर कुछ सामान खरीदने लगी। इसी बीच ट्रेन चलने लगी और महिला यात्री चलती ट्रेन में दोबारा चढ़ने का प्रयास करने लगी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।
महिला को परेशानी में देखकर स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने वॉकी-टॉकी के जरिए लोको पायलट को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई, ताकि महिला यात्री सुरक्षित तरीके से ट्रेन में चढ़ सके।
RPF ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोका
ट्रेन रुकने के बाद महिला यात्री जब वापस ट्रेन में चढ़ने लगी, तभी मौके पर मौजूद आरपीएफ कर्मचारियों ने उसे रोक लिया।
आरपीएफ जवानों का कहना था कि महिला ने ट्रेन रोकने के लिए चेन पुलिंग की है, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, DSS नरेंद्र चाहर ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि ट्रेन उन्होंने वॉकी-टॉकी से सूचना देकर रुकवाई थी, इसलिए महिला के खिलाफ चेन पुलिंग की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
इसी बात को लेकर DSS और आरपीएफ कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई।
विवाद बढ़ने पर बुलाए गए अन्य RPF जवान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में हाथापाई की स्थिति बन गई।
इसके बाद मौके पर मौजूद आरपीएफ जवानों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। आरोप है कि आरपीएफ टीम DSS नरेंद्र चाहर को पकड़कर अपने साथ ले जाने लगी।
जब DSS ने इसका विरोध किया तो उनके साथ धक्का-मुक्की हुई। वीडियो में कथित तौर पर आरपीएफ जवानों द्वारा उन्हें जमीन पर गिराते हुए और पकड़कर ले जाते हुए देखा गया।
DSS को घसीटते हुए ले जाने का वीडियो वायरल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि आरपीएफ के कुछ जवान DSS अधिकारी को पकड़कर ले जा रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान उन्हें थप्पड़ भी मारे गए और करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले जाया गया।
इस दौरान स्टेशन के कर्मचारियों ने आरपीएफ जवानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ।
आरपीएफ कर्मचारियों का आरोप है कि DSS नरेंद्र चाहर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की थी। हालांकि, पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रेलवे कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन
DSS नरेंद्र चाहर के साथ कथित मारपीट की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी आरपीएफ थाने के बाहर पहुंच गए।
रेलवे कर्मचारियों ने आरपीएफ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि एक रेलवे अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार अमानवीय है।
कर्मचारियों का कहना था कि DSS ने केवल एक महिला यात्री की मदद करने के लिए ट्रेन रुकवाई थी और इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई।
चार RPF कर्मियों पर कार्रवाई
घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरपीएफ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित कर्मचारियों में शामिल हैं—
ASI मेघराज मीणा
ASI बालकिशन
कॉन्स्टेबल बदन सिंह
कॉन्स्टेबल जितेंद्र
इसके अलावा मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की गई है।
जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
आगरा रेलवे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) संजय गौतम ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
कमेटी में शामिल हैं—
स्टेशन डायरेक्टर
आरपीएफ असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर
AOM (Assistant Operations Manager)
कमेटी पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
रेलवे प्रशासन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के साथ अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बल और रेलवे अधिकारियों के बीच तालमेल पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे स्टेशनों पर तैनात सुरक्षा बल और रेलवे अधिकारियों के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और मदद के लिए अलग-अलग विभाग काम करते हैं। ऐसे में अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच किसी भी विवाद की स्थिति में नियमों के अनुसार कार्रवाई जरूरी होती है।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार था।
news desk MPcg