नोएडा मामूरा अग्निकांड: पांच मंजिला इमारत में भीषण आग से मची अफरा-तफरी, 2 लोगों की मौत; 100 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, इलेक्ट्रिक बाइक से आग लगने की आशंका

नोएडा मामूरा अग्निकांड: पांच मंजिला इमारत में भीषण आग से मची अफरा-तफरी, 2 लोगों की मौत; 100 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, इलेक्ट्रिक बाइक से आग लगने की आशंका

नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मामूरा इलाके में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक पांच मंजिला मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत धुएं से भर गई और अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग प्रभावित हुए। दमकल विभाग और पुलिस की टीमों ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह इलेक्ट्रिक बाइक में शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग बताई जा रही है। हालांकि, फायर विभाग और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

कैसे हुआ हादसा? कुछ ही मिनटों में फैली आग

जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब सेक्टर-66 के मामूरा क्षेत्र में स्थित पांच मंजिला मकान में अचानक आग की लपटें दिखाई दीं।

शुरुआत में लोगों ने छोटे स्तर की आग समझी, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। इमारत में मौजूद प्लास्टिक, कपड़े, फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील सामान की वजह से आग तेजी से फैल गई।

कुछ ही समय में पूरे भवन में धुआं भर गया, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया।

सामने वाली बिल्डिंग से लगाई गई सीढ़ी, लोगों को निकाला गया

आग के दौरान सबसे बड़ी चुनौती इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना था।

दमकल कर्मियों ने सामने वाली बिल्डिंग की मदद से सीढ़ियां लगाईं और एक-एक कर लोगों को बाहर निकाला।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान—

बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता से बाहर निकाला गया।
कई लोगों को बालकनी और खिड़कियों के रास्ते सुरक्षित निकाला गया।
धुएं से प्रभावित लोगों को बाहर लाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।

बताया गया कि इस अभियान में 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

दो लोगों की मौत, अस्पताल में नहीं बच सकी जान

आग की चपेट में आने से दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे।

उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों में—

एक 26 वर्षीय महिला
एक पुरुष

शामिल बताए जा रहे हैं।

प्रशासन मृतकों की पहचान और हादसे की पूरी जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।

इलेक्ट्रिक बाइक बनी आग की वजह? जांच जारी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत एक इलेक्ट्रिक बाइक में हुई स्पार्किंग से हो सकती है।

बताया जा रहा है कि इमारत के अंदर खड़ी इलेक्ट्रिक बाइक में तकनीकी खराबी आई, जिसके बाद आग फैल गई।

इलेक्ट्रिक वाहनों में लगी बैटरी में खराबी आने पर आग तेजी से फैल सकती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और रखरखाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

हालांकि, फायर विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आग का वास्तविक कारण क्या था।

चश्मदीद अमन ने बजाई खतरे की घंटी, कई लोगों की बची जान

हादसे के समय मौके पर मौजूद दुकानदार अमन ने बताया कि जैसे ही उन्होंने इमारत से धुआं निकलते देखा, उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को सतर्क किया।

उन्होंने जोर-जोर से आवाज लगाकर लोगों को बाहर निकलने के लिए कहा।

उनकी सतर्कता से कई लोग समय रहते अपने कमरों से बाहर निकल पाए।

स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू अभियान में दमकल और पुलिस की मदद की।

दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर विभाग ने तुरंत कार्रवाई की।

मौके पर—

कई दमकल वाहन पहुंचे।
फायर कर्मियों ने पानी की बौछार कर आग बुझाने का प्रयास किया।
इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।

पुलिस ने इलाके को घेरा, जांच शुरू

हादसे के बाद फेस-3 थाना पुलिस ने इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी।

पुलिस ने इमारत के आसपास बैरिकेडिंग कर दी ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।

जांच के लिए पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू किए हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि—

इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं।
फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद था या नहीं।
इलेक्ट्रिक बाइक की स्थिति कैसी थी।
मुख्य गेट बंद करने पर लोगों में नाराजगी

घटना के बाद पुलिस ने जांच और सुरक्षा कारणों से इमारत का मुख्य गेट बंद कर दिया।

इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी हुई।

कई लोगों ने पुलिस से अपने कमरों में जाकर सामान देखने की अनुमति मांगी। उनका कहना था कि आग के कारण उनके जरूरी दस्तावेज, कपड़े और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है।

कुछ परिवार अपना बचा हुआ सामान लेकर दूसरी जगह जाते दिखाई दिए।

प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही नोएडा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

फायर विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।

अधिकारियों ने—

राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की।
प्रभावित लोगों की जानकारी ली।
आग बुझाने की प्रक्रिया की निगरानी की।
बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में बहुमंजिला इमारतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

ऐसे हादसों के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार बहुमंजिला इमारतों में जरूरी है कि—

फायर सेफ्टी उपकरण हमेशा चालू हालत में रहें

इमारतों में फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म सिस्टम और पानी की व्यवस्था की नियमित जांच होनी चाहिए।

इमरजेंसी एग्जिट खुले रहें

आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते साफ होने चाहिए।

इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षित चार्जिंग

ई-बाइक और ई-स्कूटर को सुरक्षित स्थान पर चार्ज करना चाहिए और खराब बैटरी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

नोएडा में पहले भी हो चुकी हैं आग की घटनाएं

नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में इससे पहले भी फैक्ट्रियों, दुकानों और बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

इन घटनाओं के बाद प्रशासन समय-समय पर फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर अभियान चलाता रहा है।

अभी क्या स्थिति है?

फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।

दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और घटना की जांच जारी है।

प्रशासन की प्राथमिकता—

प्रभावित लोगों को सहायता देना।
आग के कारणों का पता लगाना।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाना।

है।

नोएडा मामूरा अग्निकांड की प्रमुख जानकारी

घटना स्थल: सेक्टर-66, मामूरा, नोएडा
थाना क्षेत्र: फेस-3
इमारत: पांच मंजिला मकान
घटना: भीषण आग
मृतक: 2 लोग
रेस्क्यू: 100+ लोग सुरक्षित निकाले गए
संभावित कारण: इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग
जांच: पुलिस और फायर विभाग द्वारा जारी