बरेली हवाला कांड: हिंदू-मुस्लिम नाम से बने आधार कार्ड, दुबई कनेक्शन और देश विरोधी फंडिंग की आशंका से ATS अलर्ट

बरेली हवाला कांड: हिंदू-मुस्लिम नाम से बने आधार कार्ड, दुबई कनेक्शन और देश विरोधी फंडिंग की आशंका से ATS अलर्ट

उत्तर प्रदेश के बरेली में सामने आए हवाला कांड ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है। इस मामले में अब एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की एंट्री हो चुकी है। शुरुआती जांच में दुबई कनेक्शन और संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिलने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों ने पहचान छिपाने के लिए हिंदू और मुस्लिम दोनों नामों से आधार कार्ड बनाए थे, जिससे जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।

दुबई कनेक्शन या इंटरनेट नंबर का खेल?

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का कथित सरगना जीशान विदेश में, खासकर दुबई में बैठकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है या फिर यह भी संभव है कि वह भारत में रहकर इंटरनेट के जरिए यह ऑपरेशन चला रहा हो।

पुलिस को मिले कई मोबाइल नंबर दुबई के रजिस्टर्ड बताए जा रहे हैं, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि ये इंटरनेट जनरेटेड नंबर भी हो सकते हैं, जिससे असली लोकेशन छिपाई जा सके।

हवाला की रकम का इस्तेमाल कहां

सबसे बड़ा सवाल यह है कि हवाला के जरिए भेजी जा रही रकम आखिर कहां इस्तेमाल हो रही थी। जांच एजेंसियों को शक है कि यह पैसा किसी देश विरोधी गतिविधि में इस्तेमाल हो सकता है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दिल्ली तक फैला नेटवर्क

इस मामले में दिल्ली निवासी लालचंद्र और धम्मा राम के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर आरोप है कि वे हवाला की रकम को आगे सप्लाई करने का काम करते थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा आगे किन लोगों तक पहुंचाया जा रहा था।

ATS की एंट्री, जांच तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS ने भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तेज कर दी है और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है।

विदेशी कनेक्शन और साइबर एंगल की जांच

जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह पूरा नेटवर्क साइबर तकनीक और विदेशी सर्वरों के जरिए संचालित हो रहा था। फिलहाल कई एंगल पर जांच जारी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे की उम्मीद है।