मुजफ्फरपुर में कथित दबंगई का मामला, दामाद और दोस्त से मारपीट, जबरन शादी के आरोपों से मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर में कथित दबंगई का मामला, दामाद और दोस्त से मारपीट, जबरन शादी के आरोपों से मचा हड़कंप

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह के बाद ससुराल पहुंचे एक युवक और उसके दोस्त के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने युवक के दोस्त से उसकी नाबालिग साली की मांग में जबरन सिंदूर भरवा दिया। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, मनियारी थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव से जुड़ा यह मामला रविवार रात का बताया जा रहा है। बरियारपुर थाना क्षेत्र के मेथुरापुर निवासी रौशन कुमार ने करीब तीन महीने पहले सोनवर्षा गांव की एक युवती से प्रेम विवाह किया था। बताया जा रहा है कि यह शादी दोनों परिवारों की सहमति से हुई थी, लेकिन गांव के कुछ लोग इस रिश्ते से नाराज थे।

ससुराल पहुंचते ही हुआ विवाद

शिकायत के अनुसार, रविवार रात रौशन कुमार अपने दोस्त गोविंद कुमार के साथ ससुराल पहुंचा था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों युवकों को बांधकर पीटा गया और उन्हें घंटों तक प्रताड़ित किया गया।

नाबालिग साली की जबरन शादी कराने का आरोप

पीड़ित की शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह है कि हमलावरों ने उसकी नाबालिग साली की मांग में उसके दोस्त गोविंद कुमार से जबरन सिंदूर भरवा दिया। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो मामला बाल विवाह और जबरन विवाह जैसे गंभीर अपराधों के दायरे में भी आ सकता है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने मनियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसडीपीओ ने क्या कहा

एसडीपीओ पश्चिमी-2 एसी ज्ञानी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के अधीन है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।