न्यूजीलैंड से करारी हार के बाद इंग्लैंड पर ICC का डबल वार, 12 WTC अंक कटे, खिलाड़ियों पर 50% मैच फीस का जुर्माना

न्यूजीलैंड से करारी हार के बाद इंग्लैंड पर ICC का डबल वार, 12 WTC अंक कटे, खिलाड़ियों पर 50% मैच फीस का जुर्माना

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 253 रन की बड़ी हार झेलने के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से भी बड़ा झटका लगा है। द ओवल में खेले गए मुकाबले में धीमी ओवर गति (Slow Over Rate) के कारण ICC ने इंग्लैंड पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके 12 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अंक काट दिए हैं, जबकि टीम के सभी खिलाड़ियों पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।

इस सजा के बाद इंग्लैंड की WTC 2025-27 चक्र के फाइनल में पहुंचने की राह और मुश्किल हो गई है। अंक कटने के कारण टीम अंक तालिका में छठे स्थान से फिसलकर सातवें स्थान पर पहुंच गई है।

क्या है पूरा मामला?

द ओवल में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 253 रन से हराकर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। मैच के बाद ICC मैच अधिकारियों ने पाया कि इंग्लैंड निर्धारित समय के भीतर पूरे 12 ओवर कम फेंक सका।

ICC की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के अनुसार यदि कोई टीम निर्धारित समय में पूरे ओवर नहीं फेंक पाती है तो प्रत्येक कम ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। चूंकि इंग्लैंड 12 ओवर पीछे रहा, इसलिए खिलाड़ियों पर अधिकतम सीमा के तहत 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया गया।

WTC अंक तालिका में बड़ा नुकसान

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के नियमों के अनुसार प्रत्येक शॉर्ट ओवर के लिए टीम का एक अंक काटा जाता है। इसी नियम के तहत इंग्लैंड के 12 अंक काटे गए।

इस पेनल्टी से पहले इंग्लैंड का अंक प्रतिशत (PCT) 34.72 था, जो अब घटकर 26.38 प्रतिशत रह गया है। इससे टीम सीधे सातवें स्थान पर खिसक गई है, जबकि अन्य प्रतिस्पर्धी टीमों को अंक तालिका में फायदा मिला है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि WTC के लंबे चक्र में 12 अंकों की कटौती किसी भी टीम के लिए बेहद महंगी साबित हो सकती है, खासकर तब जब फाइनल की दौड़ बेहद प्रतिस्पर्धी हो।

कप्तान जो रूट ने स्वीकार की गलती

इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने ICC मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट द्वारा सुनाई गई सजा को स्वीकार कर लिया। चूंकि कप्तान ने अपराध स्वीकार कर लिया, इसलिए मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।

ICC नियमों के अनुसार कप्तान द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर दंड सीधे लागू कर दिया जाता है और अपील की प्रक्रिया नहीं अपनाई जाती।

अंपायरों की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

इंग्लैंड की धीमी ओवर गति का मामला मैदानी अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक और नितिन मेनन, तीसरे अंपायर रॉड टकर तथा चौथे अंपायर ग्राहम लॉयड की रिपोर्ट के आधार पर ICC मैच रेफरी के पास पहुंचा था।

मैच अधिकारियों ने समय का आकलन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि इंग्लैंड निर्धारित समय से 12 ओवर पीछे था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

न्यूजीलैंड की शानदार जीत

मैच की बात करें तो न्यूजीलैंड ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में इंग्लैंड पर दबदबा बनाया। इंग्लिश बल्लेबाज दोनों पारियों में संघर्ष करते नजर आए और टीम को 253 रन की बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

इस जीत से न्यूजीलैंड को न केवल महत्वपूर्ण WTC अंक मिले बल्कि टीम का मनोबल भी बढ़ा है। दूसरी ओर इंग्लैंड को हार और ICC की सजा के दोहरे झटके का सामना करना पड़ा है।

WTC फाइनल की राह हुई मुश्किल

12 अंकों की कटौती के बाद इंग्लैंड के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ पहले से कहीं अधिक कठिन हो गई है। अब टीम को आगामी टेस्ट मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा और धीमी ओवर गति जैसी गलतियों से बचना होगा।

यदि इंग्लैंड भविष्य में भी ओवर रेट को लेकर ऐसी गलतियां दोहराता है तो उसे और अधिक अंक गंवाने पड़ सकते हैं, जिससे WTC फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा नुकसान हो सकता है।

फिलहाल न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार और ICC की सख्त कार्रवाई ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले महीनों में टीम का प्रदर्शन यह तय करेगा कि वह इस झटके से कितनी जल्दी उबर पाती है।