अंबाला-देहरादूमें 180 मीन हाईवे पर सफर होगा और आसान, नाहन टर लंबा बो-स्ट्रिंग ब्रिज लोकार्पित
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में अंबाला-कालाअंब-पांवटा साहिब-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) पर यातायात को नई गति देने वाला 180 मीटर लंबा आधुनिक बो-स्ट्रिंग ब्रिज जनता को समर्पित कर दिया गया। मारकंडा नदी पर खजूरना क्षेत्र में निर्मित इस पुल पर लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत आई है। पुल के शुरू होने से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि हिमाचल, हरियाणा और उत्तराखंड के बीच आवागमन भी अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
तकनीकी खामी से नहीं कर पाए उद्घाटन, सांसद सुरेश कश्यप ने संभाली जिम्मेदारी
इस पुल का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को वर्चुअल माध्यम से करना था। वे कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े भी, लेकिन तकनीकी कारणों से उनका संपर्क टूट गया और वे उद्घाटन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। इसके बाद शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने औपचारिक रूप से पुल का लोकार्पण किया।
उद्घाटन समारोह में जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समारोह के दौरान पुल को क्षेत्रीय विकास और आधुनिक आधारभूत संरचना की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
पुराने जर्जर पुल से मिलेगी मुक्ति
मारकंडा नदी पर बना यह नया बो-स्ट्रिंग ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग का उदाहरण माना जा रहा है। अब तक इस मार्ग पर वाहनों को पुराने और जर्जर पुल से होकर गुजरना पड़ता था, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती थीं। नए पुल के चालू होने के बाद भारी वाहनों सहित सभी प्रकार के यातायात को बेहतर सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार बो-स्ट्रिंग डिजाइन वाले पुल अधिक भार वहन करने में सक्षम होते हैं और उनकी संरचना लंबी अवधि तक टिकाऊ रहती है। यही कारण है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस प्रकार के पुलों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
फोरलेन परियोजना को भी मिलेगा बड़ा सहारा
अंबाला-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग को आधुनिक बनाने के लिए फोरलेन परियोजना पर लंबे समय से काम चल रहा है। देहरादून से पांवटा साहिब तक उत्तराखंड क्षेत्र में फोरलेन निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। वहीं हरियाणा सीमा से कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र तक भी सड़क चौड़ीकरण परियोजना लगभग पूर्ण हो चुकी है।
हालांकि पांवटा साहिब से कालाअंब के बीच हिमाचल प्रदेश वाले हिस्से में फोरलेन निर्माण का कार्य अभी जारी है। ऐसे में यह नया बो-स्ट्रिंग ब्रिज भविष्य की फोरलेन परियोजना के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा साबित होगा और आने वाले वर्षों में बढ़ते यातायात का दबाव भी आसानी से संभाल सकेगा।
पर्यटन और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
NH-07 उत्तर भारत के महत्वपूर्ण राजमार्गों में से एक है, जो हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है। इस मार्ग का उपयोग प्रतिदिन हजारों यात्री, पर्यटक और मालवाहक वाहन करते हैं।
नए पुल के शुरू होने से:
यात्रा का समय कम होगा।
सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा।
कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
पांवटा साहिब और देहरादून जाने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी।
क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
कई अधिकारी रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा, नेशनल हाईवे नाहन मंडल के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा, धौलाकुआं राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल के सहायक अभियंता एस.एस. पुंडीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय विकास की दिशा में बड़ा कदम
मारकंडा नदी पर बना यह 180 मीटर लंबा बो-स्ट्रिंग ब्रिज सिरमौर जिले की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल वर्तमान यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि भविष्य में फोरलेन हाईवे परियोजना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। हिमाचल प्रदेश के लिए यह परियोजना सड़क संपर्क, पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
news desk MPcg