झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर 15वें दिन भी गतिरोध: सरकार और छात्रों की दूसरे दौर की वार्ता बेनतीजा, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर 15वें दिन भी गतिरोध: सरकार और छात्रों की दूसरे दौर की वार्ता बेनतीजा, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन में नहीं निकला समाधान; सरकार ने छात्रों और अन्य पक्षों से सुझाव लेने के लिए ईमेल चैनल खोला

 झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी ठोस सहमति के खत्म हो गया। हालांकि, सरकार ने छात्रों की मांगों पर विभिन्न छात्र संगठनों और अन्य हितधारकों से बातचीत जारी रखने की बात कही है।

शनिवार को राज्य अतिथि गृह में सरकार के प्रतिनिधियों और देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले छात्र गुट के बीच बातचीत हुई। बैठक करीब एक घंटे चली, लेकिन इसमें आंदोलन खत्म कराने को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका। सरकार ने कहा है कि अलग-अलग छात्र समूहों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।

दूसरे दौर की बातचीत भी नहीं निकला समाधान

सरकार की ओर से शनिवार की बैठक में मंत्री चामरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय यादव शामिल हुए। छात्र पक्ष की ओर से देवेंद्र नाथ महतो गुट के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें रखीं।

बैठक के बाद सरकार की ओर से कहा गया कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है और अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि शनिवार की बैठक एक ही छात्र समूह के साथ हुई है और आगे NSUI, JCM तथा ACS समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की जाएगी।

सरकार की ओर से जारी रुख के मुताबिक, फिलहाल किसी एक मांग पर तत्काल फैसला लेने के बजाय सभी पक्षों के सुझाव जुटाए जा रहे हैं।

छात्रों और अन्य पक्षों से सुझाव मांगे

सरकार ने छात्रों, अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के लिए एक ईमेल चैनल शुरू किया है। सरकार का कहना है कि प्राप्त सुझावों को JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक निर्णय लेते समय ध्यान में रखा जाएगा।

सरकार के इस कदम को बातचीत का दायरा बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों की ओर से अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि केवल सुझाव लेने की प्रक्रिया के आधार पर आंदोलन वापस लिया जाएगा।

15वें दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन शनिवार को 15वें दिन में पहुंच गया। आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच तथा संबंधित परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन स्थल पर छात्रों का धरना जारी है। आंदोलन से जुड़े नेताओं की ओर से कहा गया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन के दौरान कुछ छात्र नेता भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक शनिवार को छह छात्र भूख हड़ताल पर थे।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी

छात्र संगठनों ने सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए 9 अगस्त तक का समय देने की बात कही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अगर तय समय तक संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो 10 अगस्त को रांची में झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

आंदोलन से जुड़े JPSC-JSSC Reform Forum ने छात्रों और अभिभावकों से रांची पहुंचने की अपील भी की है। संगठन की ओर से छात्रों से 8 या 9 अगस्त तक रांची पहुंचने का आग्रह किया गया है, ताकि 10 अगस्त के प्रस्तावित प्रदर्शन में भाग लिया जा सके।

हालांकि, आंदोलनकारी संगठनों की ओर से सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है। इसलिए ऐसे दावों को आधिकारिक तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

सरकार पहले भी कर चुकी है छात्रों से बातचीत

इससे पहले शुक्रवार को भी सरकार के प्रतिनिधियों और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत हुई थी। बैठक के बाद सरकार ने कहा था कि छात्रों की चिंताओं को समझा गया है और उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। वहीं छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया था कि बातचीत के बावजूद आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।

शुक्रवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से SDM ने भी मुलाकात की थी। प्रशासन की ओर से छात्रों से बातचीत के लिए प्रतिनिधियों के नाम देने को कहा गया था। इसके बाद छात्रों ने अपनी प्रतिनिधिमंडल सूची में बदलाव करते हुए 10 प्रतिनिधियों को शामिल किया था।

देवेंद्र नाथ महतो गुट से हुई बातचीत

शनिवार को सरकार ने विशेष रूप से देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले छात्र गुट के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस बैठक में आठ छात्र प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों के बीच परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों की मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी अंतिम समाधान पर सहमति नहीं बनी।

सरकार की ओर से कहा गया कि यह बातचीत केवल एक गुट तक सीमित नहीं रहेगी। अलग-अलग छात्र संगठनों और अन्य हितधारकों से भी बातचीत की जाएगी।

सरकार का कहना- छात्रों की मांगें गंभीरता से देख रहे

बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र समूहों और हितधारकों से बातचीत करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार सभी पक्षों के विचार लेने के बाद आगे का निर्णय करेगी।

सरकार का रुख यह है कि छात्रों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। इसके लिए बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ाया जा रहा है और सुझावों को एकत्र करने की व्यवस्था भी की गई है।

छात्र संगठन क्यों कर रहे हैं विरोध?

यह आंदोलन झारखंड में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

आंदोलन से जुड़े छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। अलग-अलग छात्र समूहों की मांगों में अंतर हो सकता है, इसलिए सरकार ने सभी संगठनों से अलग-अलग बातचीत करने की बात कही है।

आंदोलन के बीच प्रशासन भी सक्रिय

लगातार प्रदर्शन को देखते हुए रांची में प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। बातचीत के दौरान राज्य अतिथि गृह में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।

वहीं प्रदर्शन स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भी छात्रों की गतिविधियां जारी हैं। आंदोलन के दौरान पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं और विभिन्न छात्र समूह प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।

अब आगे क्या होगा?

शनिवार की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अब सरकार के सामने दो स्तर पर चुनौती है। एक तरफ अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ बातचीत कर उनकी मांगों को समझना है, वहीं दूसरी तरफ 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

सरकार की ओर से कहा गया है कि अलग-अलग संगठनों और हितधारकों से चर्चा के बाद सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर आंदोलनकारी छात्र 9 अगस्त तक समाधान की मांग पर कायम हैं और उन्होंने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है।

इस तरह फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुला हुआ है, लेकिन आंदोलन खत्म कराने के लिए किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंचा जा सका है। आने वाले एक-दो दिन इस आंदोलन की दिशा तय करने में अहम माने जा रहे हैं।

एक नजर में पूरा घटनाक्रम
आंदोलन: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर।
शनिवार: आंदोलन का 15वां दिन।
सरकार-छात्र वार्ता: दूसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा।
बैठक स्थल: राज्य अतिथि गृह, रांची।
छात्र पक्ष: देवेंद्र नाथ महतो गुट के प्रतिनिधि।
सरकार का रुख: अलग-अलग छात्र संगठनों और हितधारकों से बातचीत जारी रखने की बात।
सुझाव: सरकार ने छात्रों और अन्य पक्षों से सुझाव मांगे हैं।
भूख हड़ताल: उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार छह छात्र भूख हड़ताल पर।
आंदोलन का अगला चरण: 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान।
डेडलाइन: आंदोलनकारी छात्रों ने 9 अगस्त तक समाधान की मांग की है।

स्थिति: फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन शनिवार तक आंदोलन खत्म कराने पर कोई सहमति नहीं बनी है।