गुरुग्राम को बड़ी राहत: 13 साल बाद बंधवाड़ी लैंडफिल पर फरीदाबाद के कचरे की डंपिंग बंद, पुराने कचरे के निस्तारण में आएगी तेजी

गुरुग्राम को बड़ी राहत: 13 साल बाद बंधवाड़ी लैंडफिल पर फरीदाबाद के कचरे की डंपिंग बंद, पुराने कचरे के निस्तारण में आएगी तेजी

बंधवाड़ी लैंडफिल पर ताजा कचरे का दबाव हुआ कम

गुरुग्राम के बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर फरीदाबाद से आने वाले कचरे की डंपिंग 13 वर्षों बाद बंद कर दी गई है। इस फैसले के बाद गुरुग्राम शहर को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि लैंडफिल पर प्रतिदिन आने वाले हजारों टन ताजा कचरे का दबाव अब काफी कम हो जाएगा।

नगर निगम के अनुसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद से मिलाकर पहले प्रतिदिन लगभग 2000 टन कचरा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पहुंचता था, जिसमें फरीदाबाद से 800 से 900 टन कचरा शामिल था।

फरीदाबाद ने तैयार किए अपने कचरा संग्रह केंद्र

सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद नगर निगम ने अब अपने शहर में ही कचरा संग्रह केंद्र तैयार कर लिए हैं, जिसके बाद वहां का कचरा बंधवाड़ी लैंडफिल पर भेजना बंद कर दिया गया है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को फरीदाबाद से कचरा लेकर आने वाली कोई भी गाड़ी बंधवाड़ी साइट पर नहीं पहुंची।

इस बदलाव के बाद अब फरीदाबाद का कचरा स्थानीय स्तर पर ही प्रबंधन किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री के निरीक्षण के बाद लिया गया फैसला

हाल ही में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बंधवाड़ी लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां जमा भारी मात्रा में कचरे और लगातार बढ़ते दबाव पर चिंता जताई थी। इसके बाद उन्होंने फरीदाबाद से आने वाले कचरे की डंपिंग बंद करने के निर्देश दिए।

इसके बाद गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा हुई, जिसके बाद इस पर सहमति बनी और फरीदाबाद की डंपिंग रोक दी गई।

18 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा पहले से जमा

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पहले से ही लगभग 18 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा जमा है। इसके अलावा पिछले कुछ समय में करीब 4 लाख टन अतिरिक्त कचरा भी यहां डंप हुआ है, जिससे साइट पर भारी दबाव बना हुआ था।

इस स्थिति में ताजा कचरे की रोक से अब साइट पर वैज्ञानिक तरीके से पुराने कचरे के निस्तारण (बायोमाइनिंग) की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

बायोमाइनिंग और निस्तारण कार्य में आएगी तेजी

फिलहाल बंधवाड़ी लैंडफिल पर दो निजी एजेंसियां पुराने कचरे के बायोमाइनिंग और वैज्ञानिक निस्तारण का कार्य कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ताजा कचरे का दबाव कम होने से इन एजेंसियों को काम तेज करने में मदद मिलेगी।

इससे लैंडफिल साइट पर लंबे समय से जमा कचरे को चरणबद्ध तरीके से हटाने में भी सुधार होगा।

नगर निगम को आर्थिक और पर्यावरणीय राहत

कचरे की डंपिंग बंद होने से गुरुग्राम नगर निगम को आर्थिक रूप से भी राहत मिलने की संभावना है। लैंडफिल साइट के संचालन, रखरखाव और कचरा प्रबंधन पर आने वाला अतिरिक्त खर्च कम होगा।

इसके साथ ही साइट पर दबाव घटने से आग लगने, लीचेट (दूषित तरल) रिसाव और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं पर भी नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों का बयान

गुरुग्राम नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह ने कहा कि फरीदाबाद का कचरा बंधवाड़ी लैंडफिल पर आना बंद होने से पुराने कचरे के निस्तारण कार्य में तेजी आएगी और साइट पर काम अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

आगे की दिशा

इस निर्णय के बाद अब गुरुग्राम में लंबे समय से चल रहे कचरा प्रबंधन संकट को हल करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का ध्यान अब पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और लैंडफिल साइट पर पर्यावरणीय संतुलन बहाल करने पर केंद्रित होगा।