फरीदाबाद में आवारा कुत्तों के आतंक के खिलाफ बच्चों का प्रदर्शन, बैनर-पोस्टर लेकर निकले मासूम; 10 वर्षीय बच्चे पर हमले के बाद बढ़ा आक्रोश
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सेक्टर-70 की मलबरी काउंटी सोसायटी में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर निवासियों का गुस्सा शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। सोसायटी के बच्चों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया तथा प्रशासन से उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन में स्थानीय निवासी और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
यह विरोध प्रदर्शन कुछ दिन पहले हुई उस घटना के बाद हुआ, जिसमें 10 वर्षीय एक बच्चे पर कथित तौर पर चार-पांच आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था। घटना के बाद सोसायटी में रहने वाले परिवारों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल बना हुआ है।
10 वर्षीय बच्चे पर हमले के बाद भड़का आक्रोश
स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार को 10 वर्षीय पार्थ सोसायटी परिसर में था, तभी चार से पांच आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। बताया गया कि कुत्तों ने बच्चे को जमीन पर गिरा दिया और पंजों तथा दांतों से घायल कर दिया।
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे कुत्तों के बीच से सुरक्षित निकाला। घायल बच्चे को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
इस घटना के बाद अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है।
बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे बच्चे
शनिवार को सोसायटी के बच्चों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने सुरक्षित वातावरण की मांग करते हुए प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की।
बच्चों के साथ उनके अभिभावक, स्थानीय निवासी और आरडब्ल्यूए पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और इसका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान बच्चों की सुरक्षा की ओर आकर्षित करना था।
RWA का दावा—सोसायटी में 32 से अधिक आवारा कुत्ते
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के पदाधिकारियों का कहना है कि मलबरी काउंटी सोसायटी में 32 से अधिक आवारा कुत्ते मौजूद हैं।
उनके अनुसार हर महीने कुत्तों के हमले के 10 से अधिक मामले सामने आते हैं। बच्चों के अलावा बुजुर्ग और सुबह-शाम टहलने वाले लोग भी इन कुत्तों के कारण असुरक्षित महसूस करते हैं।
RWA ने दावा किया कि डर के कारण कई बच्चे पार्क, पार्किंग और बेसमेंट जैसे साझा क्षेत्रों में अकेले जाने से भी घबराने लगे हैं।
डॉग फीडिंग और प्रबंधन को लेकर भी विवाद
सोसायटी के कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से आवारा कुत्तों को खाना खिलाते हैं, लेकिन डॉग फीडिंग से संबंधित निर्धारित नियमों और सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जाता।
RWA का यह भी कहना है कि जब नगर निगम की टीम आवारा कुत्तों को पकड़ने या नसबंदी के लिए ले जाने पहुंचती है, तब कई बार विरोध के कारण कार्रवाई प्रभावित होती है।
हालांकि, इस संबंध में डॉग फीडर्स की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बिल्डर और एस्टेट प्रबंधन पर भी उठे सवाल
सोसायटी के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिल्डर और एस्टेट मैनेजमेंट को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन प्रभावी समाधान नहीं निकाला गया।
निवासियों के अनुसार बार-बार शिकायतों के बावजूद सुरक्षा संबंधी स्थायी व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ी है।
नगर निगम ने उठाए आठ आवारा कुत्ते
सोसायटी के निवासियों द्वारा जिला प्रशासन और नगर निगम से शिकायत किए जाने के बाद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए सोसायटी से आठ आवारा कुत्तों को पकड़ा है।
नगर निगम के मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (MOH) नीतिश परवाल के अनुसार पकड़े गए सभी आवारा कुत्तों का नियमानुसार नसबंदी (Sterilization) कराई जाएगी। इसके बाद उनके संबंध में आगे की कार्रवाई पशु कल्याण और लागू नियमों के अनुसार की जाएगी।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने प्रशासन से मांग की कि सोसायटी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक व्यवस्था की जाए।
उन्होंने नियमित डॉग मैनेजमेंट, नसबंदी अभियान, टीकाकरण और जिम्मेदार एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की भी मांग की।
मुख्य बिंदु
फरीदाबाद के सेक्टर-70 स्थित मलबरी काउंटी सोसायटी में बच्चों ने आवारा कुत्तों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
हाल ही में 10 वर्षीय बच्चे पर चार-पांच आवारा कुत्तों के हमले के बाद विरोध तेज हुआ।
RWA के अनुसार सोसायटी में 32 से अधिक आवारा कुत्ते हैं।
निवासियों का दावा है कि हर महीने कुत्तों के हमले के 10 से अधिक मामले सामने आते हैं।
नगर निगम ने शिकायत के बाद आठ आवारा कुत्तों को पकड़ा है।
निगम अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी कराई जाएगी।
निवासी बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
डॉग फीडिंग, सोसायटी प्रबंधन और नगर निगम की भूमिका को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
news desk MPcg