यमुनानगर में रेलवे ASI साइबर ठगी का शिकार: मोबाइल नोटिफिकेशन पर क्लिक करते ही खाते से UPI के जरिए 3.27 लाख रुपये उड़ाएv
हरियाणा के यमुनानगर में साइबर अपराधियों ने रेलवे पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को निशाना बनाते हुए उनके बैंक खाते से 3.27 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित के मोबाइल पर आए एक संदिग्ध नोटिफिकेशन पर क्लिक करते ही उनका फोन बार-बार बंद होने लगा। कुछ दिनों बाद जब बैंक खाते की जांच की गई, तब पता चला कि साइबर ठग UPI के माध्यम से खाते से लाखों रुपये निकाल चुके थे।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी थाने में निवेश के नाम पर एक युवती से 1.71 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला भी दर्ज किया गया है।
नोटिफिकेशन पर क्लिक करते ही शुरू हुई गड़बड़ी
पुलिस के अनुसार, नरेंद्र नगर निवासी आशा रानी ने शिकायत में बताया कि उनके पति रेलवे पुलिस में ASI हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में तैनात हैं। उनके पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खाते को गूगल पे (Google Pay) के माध्यम से मोबाइल से लिंक किया गया था।
27 जून को जब ASI छुट्टी पर यमुनानगर आए हुए थे, तभी उनके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन आया। उन्होंने सामान्य सूचना समझकर उस पर क्लिक कर दिया। इसके तुरंत बाद मोबाइल अचानक बंद हो गया। शुरुआत में उन्होंने इसे तकनीकी समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया।
हालांकि अगले कई दिनों तक मोबाइल बार-बार बंद होने लगा, लेकिन उन्हें साइबर हमले की आशंका नहीं हुई।
बैंक बैलेंस चेक करते ही उड़े होश
कुछ दिन बाद बच्चों के दाखिले से संबंधित भुगतान के लिए ASI ने गूगल पे के जरिए बैंक बैलेंस चेक किया। खाते में मात्र चार हजार रुपये शेष देखकर वे हैरान रह गए।
इसके बाद वे बैंक पहुंचे, जहां खाते का विवरण निकलवाने पर पता चला कि साइबर अपराधियों ने UPI के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर कुल 3,27,999 रुपये निकाल लिए थे।
पीड़ित परिवार ने तत्काल साइबर क्राइम थाना पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मोबाइल में मैलवेयर या फिशिंग लिंक की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध नोटिफिकेशन के जरिए मोबाइल में कोई मैलवेयर (Malware) या रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन सक्रिय किया गया हो सकता है। इससे साइबर अपराधियों को मोबाइल और बैंकिंग एप तक पहुंच मिल गई होगी।
हालांकि पुलिस और साइबर विशेषज्ञ मोबाइल की फोरेंसिक जांच के बाद ही ठगी के वास्तविक तरीके की पुष्टि करेंगे।
निवेश के नाम पर युवती से 1.71 लाख रुपये की ठगी
इसी बीच यमुनानगर के प्रताप नगर क्षेत्र की एक युवती भी ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गई।
पुलिस के अनुसार युवती को टेलीग्राम (Telegram) पर एक संदेश मिला, जिसमें कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। ठगों ने उसे ऑनलाइन निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
युवती ने अलग-अलग किस्तों में 1.71 लाख रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में उसके ऑनलाइन खाते में मुनाफा दिखाई देता रहा, जिससे उसका भरोसा बढ़ता गया। लेकिन बाद में अचानक उसकी आईडी ब्लॉक कर दी गई और वह न तो अपना पैसा निकाल सकी और न ही ठगों से संपर्क हो पाया।
पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
साइबर क्राइम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध नोटिफिकेशन, मैसेज या ऐप पर बिना जांच के क्लिक न करें। बैंक, यूपीआई या डिजिटल वॉलेट से जुड़ी किसी भी असामान्य गतिविधि की स्थिति में तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल पर आने वाले फर्जी नोटिफिकेशन, फिशिंग लिंक, रिमोट एक्सेस ऐप और निवेश से जुड़े झूठे ऑनलाइन ऑफर आज साइबर अपराधियों के सबसे आम हथियार बन चुके हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी लाखों रुपये के नुकसान का कारण बन सकती है।
जांच जारी
दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाना पुलिस डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं लोगों से ऑनलाइन लेन-देन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
news desk MPcg