बठिंडा पुलिस ने सक्रिय बाइक चोर गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार; छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, कई और वारदातों के खुलासे की उम्मीद

बठिंडा पुलिस ने सक्रिय बाइक चोर गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार; छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद, कई और वारदातों के खुलासे की उम्मीद

पंजाब के बठिंडा में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस ने एक सक्रिय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी की छह मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो पहले से चोरी, झपटमारी और नशा तस्करी जैसे गंभीर मामलों में पुलिस रिकॉर्ड में शामिल रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और संभावना है कि उनसे बठिंडा तथा आसपास के जिलों में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी के मामले से खुला गिरोह का राज

थाना कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर यादविंदर सिंह के अनुसार, 24 जून को ढिल्लों कॉलोनी निवासी दमन शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मोटरसाइकिल बठिंडा के सिविल अस्पताल स्थित जच्चा-बच्चा वार्ड के बाहर से चोरी हो गई थी।

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, स्थानीय इनपुट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव नरूआणा निवासी संदीप सिंह, गांव जस्सी पौ वाली निवासी अमित कुमार तथा फरीदकोट निवासी बिक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की, जो वर्तमान में गांव जस्सी पौ वाली में रह रहा था, के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने वाहन चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।

छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से चोरी की छह मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर का मिलान कर उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि बरामद मोटरसाइकिलें केवल बठिंडा से चोरी की गई थीं या फिर पंजाब के अन्य जिलों अथवा पड़ोसी राज्यों से लाकर यहां छिपाई गई थीं।

दो आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दो आरोपियों के खिलाफ पहले से चोरी, स्नैचिंग (झपटमारी) और नशा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं हैं।

अधिकारियों के अनुसार, गिरोह लंबे समय से सुनसान स्थानों, अस्पतालों, बाजारों और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर खड़े दोपहिया वाहनों को निशाना बना रहा था।

अदालत से रिमांड लेकर होगी गहन पूछताछ

पुलिस ने तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी किए गए वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों तथा चोरी के वाहनों की सप्लाई चेन से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितनी वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया और चोरी के वाहनों को किन राज्यों या जिलों में बेचा जाता था।

अन्य मामलों में भी हो सकती है संलिप्तता

पुलिस को संदेह है कि गिरफ्तार आरोपी केवल एक बाइक चोरी की घटना तक सीमित नहीं हैं। उनसे पूछताछ के आधार पर जिले में हाल के महीनों में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।

इसके अलावा पुलिस बरामद मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

वाहन चोरी रोकने के लिए अभियान जारी

बठिंडा पुलिस का कहना है कि जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचनाओं के आधार पर संगठित वाहन चोर गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा लॉक का उपयोग करें, सार्वजनिक स्थानों पर वाहन खड़ा करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।