तीन हफ्तों की गिरावट के बाद सोना-चांदी में जोरदार उछाल, MCX पर सोना ₹1,952 और चांदी ₹8,574 तक चढ़ी; जानिए तेजी की बड़ी वजह

तीन हफ्तों की गिरावट के बाद सोना-चांदी में जोरदार उछाल, MCX पर सोना ₹1,952 और चांदी ₹8,574 तक चढ़ी; जानिए तेजी की बड़ी वजह

लगातार तीन सप्ताह तक कमजोरी के दौर से गुजरने के बाद मंगलवार को घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX दोनों पर कीमती धातुओं में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर इंडेक्स में नरमी, सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की ताजा खरीदारी ने सोना-चांदी की कीमतों को नई मजबूती दी।

MCX पर सोने में ₹1,952 की तेजी

एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना कारोबार के दौरान ₹1,952 की तेजी के साथ ₹1,42,402 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। समाचार लिखे जाने तक सोना करीब ₹1,42,384 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव लगभग ₹1,40,450 के आसपास था, जिससे एक ही कारोबारी सत्र में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार गिरावट के कारण कई निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में तेजी को और बल मिला।

चांदी में आया बड़ा उछाल

चांदी की कीमतों में भी मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर जुलाई डिलीवरी वाली चांदी का भाव कारोबार के दौरान ₹2,27,980 प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव ₹2,19,406 प्रति किलोग्राम की तुलना में यह लगभग ₹8,574 अधिक रहा।

समाचार लिखे जाने तक चांदी करीब ₹2,23,899 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान इसका न्यूनतम स्तर ₹2,17,333 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

वैश्विक बाजार में भी दिखी मजबूती

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार COMEX पर भी सोना और चांदी दोनों में तेजी दर्ज की गई। सोने की कीमत लगभग 2.60 डॉलर प्रति औंस बढ़कर 4,040 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई, जबकि चांदी में करीब 1.5 प्रतिशत की मजबूती दर्ज हुई और इसका भाव 60 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया।

वैश्विक बाजारों में आई इस तेजी का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार पर भी देखने को मिला।

क्यों आई अचानक तेजी?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार की तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण रहे—

लगातार तीन सप्ताह की गिरावट के बाद निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर खरीदारी।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ना।
डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आने से सोना विदेशी निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता होना।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की मजबूत चाल का असर भारतीय बाजार पर पड़ना।
तकनीकी स्तर पर शॉर्ट कवरिंग (Short Covering) और नए खरीदारी ऑर्डर का सक्रिय होना।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?

कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर कमजोर रहता है और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं, तो सोना और चांदी में आगे भी उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, ब्याज दरों, डॉलर की चाल, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मांग के आधार पर लगातार बदलती रहती हैं। ऐसे में दैनिक कीमतों में बदलाव सामान्य बाजार प्रक्रिया का हिस्सा है।

नोट: उपरोक्त कीमतें एमसीएक्स और वैश्विक कमोडिटी बाजारों में कारोबार के दौरान दर्ज स्तरों पर आधारित हैं। अंतिम बंद भाव और स्थानीय सर्राफा बाजार की कीमतों में अंतर संभव है।