संसद में NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन पर घमासान: राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद काले कपड़ों में पहुंचे, हंगामे के बीच लोकसभा एक मिनट चली, दोनों सदन 12 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी भारी राजनीतिक टकराव की भेंट चढ़ गया। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद, छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर और दोनों सदनों के भीतर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और इसे छात्रों के समर्थन में "ब्लैक डे" बताया।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे, नारेबाजी और चर्चा की मांग के कारण सदन की कार्यवाही महज एक मिनट चल सकी। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
बुधवार सुबह संसद परिसर का माहौल पूरी तरह राजनीतिक विरोध से भरा रहा। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी काले रंग की टी-शर्ट और पैंट पहनकर संसद पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, राजद, शिवसेना (यूबीटी), तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित INDIA गठबंधन के कई सांसद भी काले कपड़ों में नजर आए।
विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के बाहर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग दोहराई।
सदन शुरू होते ही हंगामा
सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल में पहुंच गए। उन्होंने NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की।
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही केवल लगभग एक मिनट तक चल सकी। अध्यक्ष ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने पर दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
विपक्ष ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं—
NEET-UG 2026 पेपर लीक पर संसद में तत्काल चर्चा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की जांच।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधार।
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम।
विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता बनाए रखने में सरकार विफल रही है और लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
सरकार का जवाब: चर्चा के लिए तैयार
विपक्ष के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने कहा कि वह NEET पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों की चिंता कम और राजनीतिक लाभ अधिक चाहता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और संसद की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
सरकार का कहना है कि पेपर लीक मामले की जांच पहले ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
राहुल गांधी और विपक्ष का रुख
राहुल गांधी ने संसद परिसर में विपक्षी सांसदों से मुलाकात की और संसद के भीतर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की।
विपक्ष का कहना है कि जब तक छात्रों के मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी और सरकार जवाब नहीं देगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।
दीपेंद्र हुड्डा का बयान
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न है।
प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि शिक्षा के लिए सीमित बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को आर्थिक राहत दी जा रही है। यह विपक्ष का राजनीतिक आरोप है, जिस पर सरकार की ओर से अलग दृष्टिकोण रखा गया है।
केसी वेणुगोपाल ने मांगा इस्तीफा
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में छात्र और अभिभावक जवाब मांग रहे हैं तथा सरकार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
विपक्ष ने नियम 267 के तहत दिया नोटिस
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल और सैयद नासिर हुसैन ने नियम 267 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की।
हालांकि सदन में हंगामे के कारण इस पर आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी।
शरद पवार और पीएम मोदी की मुलाकात भी चर्चा में
संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार तथा सांसद सुप्रिया सुले से मुलाकात भी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनी।
हालांकि इस मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी चर्चा रही कि भविष्य में संसद में संभावित संवैधानिक संशोधन विधेयकों के मद्देनज़र राजनीतिक संवाद जारी है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
NEET पेपर लीक मामला क्या है?
NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच CBI को सौंप दी।
CBI ने FIR दर्ज कर कई राज्यों में छापेमारी की और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारी परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचाई गई थी।
जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
सरकार का आधिकारिक पक्ष
केंद्र सरकार का कहना है कि—
पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच CBI कर रही है।
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी एवं प्रशासनिक सुधार किए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले संसद में कह चुके हैं कि पेपर लीक "घोर पाप" है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आगे क्या?
संसद में विपक्ष का विरोध फिलहाल जारी है। यदि सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा के स्वरूप पर सहमति बनती है, तो आने वाले दिनों में NEET पेपर लीक, परीक्षा सुधार और छात्र आंदोलन पर विस्तृत बहस हो सकती है।
साथ ही, CBI की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे भी सामने आ सकते हैं।
मुख्य बिंदु
राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे।
विपक्ष ने NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में "ब्लैक डे" मनाया।
लोकसभा की कार्यवाही लगभग एक मिनट चली, दोनों सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित हुए।
विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में तत्काल चर्चा की मांग की।
सरकार ने कहा कि वह NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
CBI द्वारा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच जारी है।
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दे चुके हैं।
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