यूनिटेक गोल्फ एंड कंट्री क्लब मामले में ED का बड़ा एक्शन 634 करोड़ की संपत्तियां सीज, 8115 करोड़ बताई जा रही मार्केट वैल्यू

यूनिटेक गोल्फ एंड कंट्री क्लब मामले में ED का बड़ा एक्शन 634 करोड़ की संपत्तियां सीज, 8115 करोड़ बताई जा रही मार्केट वैल्यू

ईडी ने नोएडा में की बड़ी कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यूनिटेक गोल्फ एंड कंट्री क्लब (UGCC) प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा कदम उठाते हुए नोएडा स्थित संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई सेक्टर-96, 97 और 98 में स्थित यूनिटेक की परियोजना से जुड़ी संपत्तियों पर की गई है।

634 करोड़ की संपत्तियां अटैच

ईडी की ओर से जारी आदेश के अनुसार कुल 634.12 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है। इन संपत्तियों को कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” के रूप में चिन्हित किया गया है।

8115 करोड़ रुपये तक बताई जा रही मार्केट वैल्यू

हालांकि अटैच की गई संपत्तियों की बाजार कीमत इससे कहीं अधिक बताई जा रही है। अनुमान के अनुसार इन संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 8115 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिससे इस मामले का आर्थिक दायरा और भी बड़ा हो जाता है।

कैसे शुरू हुई जांच

ईडी ने यह जांच दिल्ली पुलिस और सीबीआई द्वारा दर्ज की गई 76 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। ये एफआईआर यूनिटेक लिमिटेड, उसके प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थीं, जिनमें फंड डायवर्जन और होमबायर्स के पैसे के कथित दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग और फंड डायवर्जन के आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूरा मामला होमबायर्स और वित्तीय संस्थानों से जुटाए गए फंड के कथित गलत इस्तेमाल और डायवर्जन से जुड़ा हुआ है। इसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत कार्रवाई की है।

निवेशकों और खरीदारों में हलचल

इस कार्रवाई के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। यूनिटेक प्रोजेक्ट से जुड़े निवेशकों और घर खरीदारों में उम्मीद जगी है कि इस कदम से लंबे समय से अटके मामलों में कुछ प्रगति हो सकती है।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल ईडी की जांच जारी है और अटैच की गई संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान और भी खुलासे संभव हैं।