280 फीट जमीन के नीचे छिपा 2500 साल पुराना शहर, 18 मंजिला डेरिनकुयू में रहते थे 20 हजार लोग; जानिए पूरा रहस्य
नेवेशीर, तुर्किए: दुनिया में कई ऐतिहासिक इमारतें और शहर अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन तुर्किए का डेरिनकुयू अंडरग्राउंड सिटी अपनी बनावट और इतिहास के कारण पूरी दुनिया में अनोखा माना जाता है। यह ऐसा शहर है, जो जमीन के ऊपर नहीं बल्कि धरती के अंदर चट्टानों को काटकर बनाया गया था। करीब 2500 साल पुराने इस भूमिगत शहर की गहराई लगभग 280 फीट तक है, जहां कभी हजारों लोग लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते थे।
कापाडोसिया क्षेत्र में स्थित यह शहर आज भी पुरातत्वविदों, इतिहासकारों और पर्यटकों के लिए रहस्य और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इतनी पुरानी तकनीक से तैयार किया गया यह शहर बताता है कि प्राचीन सभ्यताओं के लोग वास्तुकला और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कितने कुशल थे।
जमीन के नीचे बना पूरा शहर, सिर्फ सुरंग नहीं
डेरिनकुयू को अक्सर लोग केवल एक भूमिगत सुरंग समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह एक पूरी तरह विकसित शहर था। यहां रहने वाले लोगों के लिए दैनिक जीवन की लगभग सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद थीं।
यह शहर कई स्तरों में फैला हुआ है और माना जाता है कि यह करीब 18 मंजिलों तक जमीन के अंदर जाता है। हालांकि पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए इसका केवल सीमित हिस्सा ही आम लोगों के लिए खोला गया है।
पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, डेरिनकुयू में हजारों लोगों के रहने की व्यवस्था थी। यहां रहने वाले लोग लंबे समय तक बाहरी दुनिया से कटकर भी अपना जीवन चला सकते थे।
कैसे हुई डेरिनकुयू की खोज?
आधुनिक दुनिया को इस प्राचीन शहर की जानकारी 1960 के दशक में मिली। बताया जाता है कि एक स्थानीय व्यक्ति अपने घर में मरम्मत का काम कर रहा था, तभी उसे दीवार के पीछे एक गुप्त रास्ता मिला।
जब इस रास्ते की जांच की गई तो पता चला कि यह किसी छोटे कमरे तक नहीं, बल्कि जमीन के अंदर बने विशाल नेटवर्क तक जाता है।
इसके बाद पुरातत्व विभाग ने खुदाई और अध्ययन शुरू किया। जांच में सामने आया कि यह हजारों साल पुराना भूमिगत शहर है, जिसमें रहने, सुरक्षा और भंडारण की पूरी व्यवस्था मौजूद थी।
2500 साल पुराना इतिहास
डेरिनकुयू का इतिहास प्राचीन सभ्यताओं से जुड़ा हुआ है। इतिहासकारों के अनुसार, इसका निर्माण लगभग 8वीं से 7वीं शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान फ्रिजियंस साम्राज्य के समय शुरू हुआ था।
बाद के वर्षों में इसका विस्तार अलग-अलग सभ्यताओं द्वारा किया गया। विशेष रूप से बीजान्टिन साम्राज्य के दौर में इस शहर को सुरक्षा के लिहाज से और विकसित किया गया।
कापाडोसिया क्षेत्र उस समय राजनीतिक संघर्षों और युद्धों का गवाह रहा था। लगातार हमलों और असुरक्षा के कारण स्थानीय लोगों ने जमीन के नीचे सुरक्षित ठिकाने बनाने शुरू किए।
युद्ध के समय बना था सुरक्षित ठिकाना
डेरिनकुयू का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों को बाहरी हमलों से बचाना था। इतिहासकारों के अनुसार, जब दुश्मन हमला करते थे तो स्थानीय लोग इस भूमिगत शहर में छिप जाते थे।
शहर को इस तरह डिजाइन किया गया था कि बाहर से देखने पर इसका पता लगाना मुश्किल था। यहां बने गुप्त रास्ते, पत्थर के बड़े दरवाजे और संकरे मार्ग सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थे।
विशेष पत्थर के गोल दरवाजे बनाए गए थे, जिन्हें अंदर से बंद किया जा सकता था। इससे दुश्मनों के प्रवेश को रोकने में मदद मिलती थी।
20 हजार लोगों के रहने की क्षमता
डेरिनकुयू लगभग 4,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। अनुमान लगाया जाता है कि यहां एक समय में लगभग 20 हजार लोग रह सकते थे।
इतनी बड़ी आबादी के लिए यहां कई प्रकार की सुविधाएं बनाई गई थीं।
भूमिगत शहर में मौजूद थे—
रहने के कमरे
रसोईघर
भोजन भंडारण कक्ष
अनाज रखने के स्थान
पशुओं के लिए जगह
धार्मिक स्थल
स्कूल
बैठक कक्ष
वाइन और खाद्य सामग्री रखने के स्थान
यहां वेंटिलेशन यानी हवा आने-जाने की भी खास व्यवस्था बनाई गई थी, जिससे जमीन के नीचे रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी न हो।
जमीन के नीचे हवा और पानी की व्यवस्था
डेरिनकुयू की सबसे बड़ी खासियत इसकी इंजीनियरिंग है। हजारों साल पहले जब आधुनिक तकनीक उपलब्ध नहीं थी, तब भी यहां हवा पहुंचाने के लिए वेंटिलेशन शाफ्ट बनाए गए थे।
इन शाफ्ट के जरिए ताजी हवा नीचे तक पहुंचती थी। इसके अलावा पानी की व्यवस्था के लिए कुएं और जल स्रोत बनाए गए थे।
यह व्यवस्था इस बात को दिखाती है कि प्राचीन लोगों ने केवल जगह बनाने पर नहीं, बल्कि लंबे समय तक जीवन चलाने की योजना पर भी काम किया था।
ज्वालामुखी चट्टानों ने आसान बनाया निर्माण
कापाडोसिया क्षेत्र की जमीन इस भूमिगत शहर के निर्माण में सबसे बड़ी वजह बनी।
यह क्षेत्र लाखों साल पहले हुए ज्वालामुखी विस्फोटों से बनी चट्टानों से बना है। यहां की चट्टानें अपेक्षाकृत नरम थीं, जिन्हें पत्थर के औजारों से काटना आसान था।
इसी वजह से लोगों ने जमीन के ऊपर घर बनाने के बजाय धीरे-धीरे जमीन के अंदर कमरे और सुरंगें बनानी शुरू कीं।
UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल
डेरिनकुयू को साल 1985 में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल किया गया। इसे गोरेमे नेशनल पार्क और कापाडोसिया के रॉक साइट्स के हिस्से के रूप में संरक्षित किया गया है।
आज यह तुर्किए के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर इस प्राचीन भूमिगत शहर को देखते हैं।
क्यों आज भी हैरान करते हैं डेरिनकुयू के रहस्य?
डेरिनकुयू सिर्फ एक पुरानी संरचना नहीं है, बल्कि यह प्राचीन मानव सोच, योजना और तकनीकी क्षमता का उदाहरण है।
बिना बिजली, आधुनिक मशीनों और बड़े उपकरणों के हजारों साल पहले बनाया गया यह शहर आज भी विशेषज्ञों के लिए अध्ययन का विषय है।
यह भूमिगत शहर बताता है कि प्राचीन सभ्यताएं केवल कला और संस्कृति में ही आगे नहीं थीं, बल्कि वे सुरक्षा, वास्तुकला और सामूहिक जीवन व्यवस्था को लेकर भी बेहद विकसित थीं।
आज भी डेरिनकुयू की कई सुरंगें और हिस्से रहस्य बने हुए हैं, जो इतिहास के पन्नों में छिपी मानव बुद्धिमत्ता की एक अनोखी कहानी सुनाते हैं।
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